आज दिनांक 13 अप्रैल 2026 दिन सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नगर इकाई चंदौसी में विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं ने भारत रत्न डॉ.भीमराव आंबेडकर जी के जयंती के उपलक्ष्य में पूर्व संध्या में मौलागढ़ स्थित अंबेडकर छात्रावास में स्थित आंबेडकर जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनके पदचिन्हों पर चलने तथा समाज को जागृत करने की शपथ ली।
इस दौरान ने कहा कि विभाग प्रमुख डॉ डी के अग्निहोत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर (बाबासाहेब) भारतीय संविधान के निर्माता, महान समाज सुधारक और दलितों/वंचितों के मसीहा थे। 14 अप्रैल 1891 को जन्मे आंबेडकर जी ने जातिवाद व छुआछूत के खिलाफ लड़कर शिक्षा को हथियार बनाया। वे स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री बने और महिलाओं व श्रमिकों के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया।
तदुपरांत नगर मंत्री आशीष ने कहा कि डॉ. आंबेडकर न केवल संविधान के जनक थे, बल्कि वे एक महान अर्थशास्त्री, कानूनविद और समाज सुधारक भी थे। उनका दृढ़ विश्वास था कि जब तक समाज में समानता और न्याय नहीं होगा, राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने नारा दिया था – “शिक्षित बनो, संगठित रहो, और संघर्ष करो।”स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में, उन्होंने महिलाओं को बराबरी का हक दिलाने और श्रमिकों के लिए बेहतर नियम बनाने में अहम भूमिका निभाई।
इस दौरान वी के त्रिपाठी, सोनू मौर्य अभय चौधरी, अखिलेश श्रीवास्तव, महेश दिवाकर, विशाल चौधरी, गौरव, अजय, अमर सिंह, सैजल, अंकुर, आकाश, मिस्री लाल आदि उपस्थित रहे।

