संवाददाता वंदना 3
दिनांक 30.05.2026 दिन शनिवार को माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाहजहाँपुर श्री विष्णु कुमार शर्मा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाहजहाँपुर के तत्वावधान में ‘‘वृद्धजनों के अधिकार‘‘ के विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन वृद्धाश्रम बनतारा, शाहजहाँपुर में किया गया, जिसकी अध्यक्षता सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शाहजहाँपुर श्रीमती अपेक्षा सिंह द्वारा की गयी।
सचिव द्वारा शिविर में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों एवं आम जनमानस को संबोधित करते हुए कहा कि वृद्धजन हमारे समाज की धरोहर और मार्गदर्शक हैं। जीवन के इस पड़ाव पर उनका सम्मान, देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल हमारा नैतिक कर्तव्य ही नहीं, बल्कि कानूनी दायित्व भी है। उनके द्वारा ‘‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007‘‘ के प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यदि कोई संतान या रिश्तेदार (जो संपत्ति का उत्तराधिकारी है) वृद्धजनों की उचित देखभाल करने से इंकार करता है या उन्हें प्रताड़ित करता है, तो वरिष्ठ नागरिक इस अधिनियम के तहत भरण-पोषण भत्ते की मांग कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वृद्धजनों को अपनी संपत्ति से बेदखल होने से बचाने के कानूनी उपायों और ट्रिब्यूनल में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए भटकने की आवश्यकता नहीं है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क और त्वरित कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। किसी भी प्रकार की विधिक समस्या या अधिकार हनन की स्थिति में वे सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शाहजहाँपुर कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
शिविर के अन्त में विनोबा सेवा आश्रम की सचिव श्रीमती विमला बहन द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
शिविर का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के वरिष्ठ लिपिक मो0 अफजल द्वारा किया गया।
इसके अतिरिक्त इस शिविर में पी0एल0वी0 श्री राकेश राठौर, केयर टेकर अंजलि, वृद्धाश्रम का स्टॉफ व अधिक संख्या में वृद्धजन आदि उपस्थित रहे।
