सम्भल (बहजोई), 14 जुलाई 2026
आज कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल की अध्यक्षता में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2026 तक आयोजित होने वाले सात दिवसीय भूजल सप्ताह एवं जल संरक्षण जनजागरूकता अभियान के सफल संचालन हेतु जनपद स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला विकास अधिकारी/डीसी मनरेगा राम आशीष ने बताया कि जल संचयन, संरक्षण एवं संवर्धन भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार का सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्यक्रम है। इसी उद्देश्य से वर्ष 2019 में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा जल शक्ति अभियान का शुभारम्भ किया गया, जिसे जनसहभागिता के माध्यम से निरंतर सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि भूजल का समेकित प्रबंधन एवं नियोजित विकास प्रदेश सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। भूजल पुनर्भरण के लिए तालाबों एवं चेक डैमों के निर्माण तथा जीर्णोद्धार के साथ-साथ जल संरक्षण हेतु ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, मल्चिंग, धान की सीधी बुवाई जैसी जल-कुशल कृषि तकनीकों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही भूजल के अनियंत्रित एवं अनुचित दोहन को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सात दिवसीय अभियान के अंतर्गत 16 एवं 17 जुलाई को ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत सचिव, 18 एवं 19 जुलाई को विकासखंड एवं क्षेत्र पंचायत स्तर पर खंड विकास अधिकारी तथा 20 एवं 21 जुलाई को नगर पालिका एवं नगर पंचायत स्तर पर अधिशासी अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे। 22 जुलाई, 2026 को जनपद स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण एवं नगर आयुक्त के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जल शक्ति अभियान के जनपद स्तरीय नोडल अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी तथा सहायक नोडल अधिकारी सहायक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग होंगे।
अभियान के प्रथम एवं द्वितीय दिवस चिन्हित जल निकायों (वाटर बॉडी) के पुनरुद्धार हेतु श्रमदान किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर अक्रियाशील जल निकायों को चिन्हित कर विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं जनसहभागिता के माध्यम से संयुक्त श्रमदान कराया जाएगा। साथ ही पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक, जनजागरूकता रैली, दीवार लेखन, पोस्टर प्रदर्शन, वर्षा जल संचयन स्थलों की पहचान, पौधारोपण, रिचार्ज पिट निर्माण तथा जल संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी।
तृतीय एवं चतुर्थ दिवस विकासखंड एवं क्षेत्र पंचायत स्तर पर कार्यशालाओं एवं समन्वय बैठकों का आयोजन, पूर्व निर्मित जल संरचनाओं का स्थलीय निरीक्षण, उनकी क्रियाशीलता का मूल्यांकन, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई का प्रदर्शन तथा जल संरक्षण शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पंचम एवं षष्ठम दिवस नगर पालिका एवं नगर पंचायत स्तर पर कार्यशालाएं एवं समन्वय बैठकें आयोजित होंगी। विद्यालयों में पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताएं, जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रदर्शन, वर्षा जल संचयन स्थलों की पहचान तथा जल संरक्षण शपथ कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
सातवें दिवस 22 जुलाई को जनपद स्तर पर पेयजल एवं स्वच्छता तथा जलजनित रोगों से बचाव विषयक जनजागरूकता कार्यशाला, जिला स्तरीय समन्वय बैठक, आईईसी गतिविधियों का प्रदर्शन, जल संचयन कार्यों की समीक्षा, प्रेस वार्ता, मीडिया ब्रीफिंग, अभियान की समीक्षा एवं रिपोर्टिंग तथा जल संरक्षण शपथ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल ने नगरीय निकायों एवं जिला पंचायती राज अधिकारी को जल निकासी से संबंधित कार्यों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर पालिका परिषद सम्भल, चन्दौसी एवं बहजोई के अधिशासी अधिकारियों को सार्वजनिक भवनों का सर्वे कर रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था का चिन्हांकन एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने नगर निकायों में स्थित तालाबों, कुओं एवं अन्य जल निकायों (वाटर बॉडी) का चिन्हांकन कर उनकी सूची तैयार करने तथा अतिक्रमित तालाबों एवं कुओं का विवरण एवं फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थलों का सर्वेक्षण कर उनकी स्थायी कार्ययोजना तैयार करने तथा नगर क्षेत्र के आंगनबाड़ी केन्द्रों पर वजन मापक यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण पाठक, जिला विकास अधिकारी/डीसी मनरेगा राम आशीष, परियोजना निदेशक, डीआरडीए अखिलेश कुमार चौबे, जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वेश कुमार, कृषि उपनिदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर अवधेश कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

