समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने वीएचएसएनडी सत्र के आयोजन एवं जरूरी संसाधनों की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग एवं आईसीडीएस के सभी अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया कि आगामी वीएचएसएनडी सत्र का आयोजन बेहतर तरीके से किया जाए तथा सभी संसाधनों की उपलब्धता एवं स्टाफ की अनिवार्य रूप से उपस्थिति होनी चाहिए।
वीएचएसएनडी सत्र पर होने वाली जांच एवं अन्य गतिविधियों की मॉनीटरिंग भी कराने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया तथा कहा कि लापरवाही बरतने वाली आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के विरुद्ध कार्यवाही भी की जाए। आईसीडीएस द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से आयोजित होने वाली स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी गतिविधियों एवं डाटा अपलोड करने की प्रक्रिया की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी कार्यशैली में सुधार करें साथ ही उन्होंने निर्देश दिए की नियमानुसार 50 वर्ष से अधिक आयु वाले कार्मिकों की स्क्रीनिंग करने की भी कार्य योजना तैयार की जाए ताकि अक्षम लोगों को चिन्हित करके जरूरी कार्यवाही की जा सके।
पोषण पुनर्वास केंद्र गंभीर अति कुपोषित बच्चों को कुपोषण के कुचक्र से बाहर निकालने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण इकाई है परंतु आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा रुचि न लिए जाने के कारण इसका लाभ जरूरतमंद बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को फटकार लगाई तथा कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर गंभीरता दिखाएं तथा आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की सक्रियता बढ़ाएं।
एफआरएस में 90 प्रतिशत कार्य होने पर जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्री लाभार्थी के घर जाकर एफआरएस कार्य शत प्रतिशत पूर्ण करें।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री शैलेन्द्र राय, जिला विद्यालय निरीक्षक श्री देवेंद्र पांडे, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री विमलेश कुमार सहित स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस विभाग के अधिकारी गण मौजूद रहे।
जिलाधिकारी श्री अनुज सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई
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