श्री नारायण सेवा समिति (रजि.), चंदौसी द्वारा आज एक अत्यंत निर्धन व्यक्ति की कन्या के विवाह हेतु गृहोपयोगी अनेक वस्तुओं के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया । पिता और कन्या का स्वागत करते हुए अध्यक्ष सुभाष वार्ष्णेय भोलेनाथ ने कहा कि समिति सभी दानदाताओं की आभारी है । मुख्य वक्ता डॉ. डी. के. अग्निहोत्री ने कहा कि कन्या पिता के पास एक अमूल्य धरोहर होती है, उस कन्या का दान एक पवित्र कार्य है। मुख्य अतिथि बृजगोपाल गुप्ता ने कहा कि कन्या के जन्म के पश्चात् ही उसे अत्यंत सम्मान देते हुए लक्ष्मी स्वरूपा माना जाता है । विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व प्रधानाचार्य दृगपालसिंह ने कहा कि पुत्री अपने माँ-बाप-भाई को अधिक चाहती है अतएव उसके सम्मान में कमी नहीं आनी चाहिए । वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन गुप्ता ने कहा कि पुत्री का विवाह एक पवित्र परंपरा है । प्रबंधक हरीश कठेरिया एडवोकेट ने बताया कि समिति के अधिकांश लोगों ने भरपूर सहयोग किया है, इसके अतिरिक्त समिति से बाहर के लोगों ने भी दिल खोलकर दान दिया है, समिति उन सभी दाताओं की आभारी है । कवि सुखपालसिंह गौर, डॉ. जयशंकर दुबे, कवयित्री श्रीमती शान्ति राणा शान्ति और दिनेशपालसिंह ‘दिव्य’ ने अपनी काव्य रचनाओं से माहौल को सरोबार कर दिया । कन्या और पिता को प्रदत्त वस्तुओं में साड़ियाँ, जेंट्स सूट, बेडशीट, पिलोकवर, कैशरोल, क्रॉकरी, कम्बल, शॉल, सीलिंग फैन, आसन, कुर्सी-मेज, गिफ्ट पैक, किचन सैट तथा नकद धनराशि एवं बर्तन भी शामिल रहे ।
कार्यक्रम में के. जी. गुप्ता, सुखलेश सिंह, श्यामसुंदर दुबे तथा मुकुंद अग्रवाल आदि उपस्थित रहे ।
अध्यक्षता सुभाष वार्ष्णेय ने की तथा संचालन डॉ. जयशंकर दुबे ने किया ।

