राजस्थान के सिरोही जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां अंतिम संस्कार के भोज में घी के मालपुए नहीं परोसे जाने पर सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात ये है कि 43 परिवारों को सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति भोज में घी के मालपुए नहीं बनवा पाया। इसका पंचों ने विरोध किया और उसे समाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया। इसके बाद पीड़ित का समर्थन करने वाले 42 अन्य परिवारों को भी बहिष्कृत कर दिया गया है। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि बहिष्कार के बाद से उन्हें जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। स्थानीय दुकानदार उन्हें राशन देने से मना कर रहे हैं। उन्हें गांव के कुएं से पानी नहीं भरने दिया जा रहा है और खेत के मालिक उन्हें काम पर रखने से इनकार कर रहे हैं। प्रभावित लोगों में से एक, तेजाराम ने बताया, “हालात बहुत मुश्किल हो गए हैं। हमें राशन नहीं दिया जा रहा है और कुएं से पानी भी नहीं लेने दिया जा रहा है।” ये पाबंदियां सामाजिक मेलजोल पर भी लागू हैं। एक और पीड़ित गोपाल ने कहा, “मेरे रिश्तेदार की शादी 20 जून को थी, लेकिन ‘पंचों’ द्वारा लगाए गए जुर्माने के डर से मैं उसमें शामिल नहीं हो सका।” खबरों के मुताबिक, इस आदेश में चेतावनी दी गई है कि जो कोई भी इस बहिष्कार का उल्लंघन करेगा, उस पर 11,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसे समुदाय के लिए दावत देनी होगी।

