बेंगलुरु के रहने वाले राकेश बी. पाल ने मानसिक शांति और सच्ची खुशी के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कभी ‘ऐप्पल’ (Apple) और बड़े बैंकों में शानदार सैलरी वाली कॉर्पोरेट जॉब करने वाले राकेश अब बेंगलुरु में इलेक्ट्रिक ऑटो चलाते हैं।
राकेश के अनुसार, कॉर्पोरेट जगत में केवल लोगों का इस्तेमाल किया जाता है। वहां वे दूसरों को खुश करने में खुद को भूल गए थे। इसके अलावा, निजी जिंदगी के बुरे अनुभवों और कॉर्पोरेट के दबाव के कारण वे गंभीर डिप्रेशन का शिकार हो गए, जिसके लिए उन्हें अस्पताल में इलाज भी कराना पड़ा।
दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय राकेश ने खुद को बदलने का फैसला किया। उन्होंने मार्शल आर्ट्स सीखा और स्टेट लेवल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। कॉर्पोरेट की 9 से 5 की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने फूड डिलीवरी और जिम में सफाई जैसे काम भी किए। अब वे सड़कों पर अपना इलेक्ट्रिक ऑटो चलाते हैं, डांस क्लास लेते हैं और पेंटिंग का अपना शौक पूरा करते हैं। राकेश का कहना है कि अब वे मानसिक रूप से पूरी तरह ‘आजाद’ और खुश हैं।

