ईरान में चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी दिखने लगा है. कई जगहों पर गैस की किल्लत देखने को मिल रही है. हालांकि पेट्रोल, डीजल और पीएनजी सीएनजी को लेकर अभी कोई बड़ा संकट नहीं है. लेकिन भारत के पड़ोसी देशों की स्थिति काफी चिंताजनक हो गई है.
पश्चिम एशिया का संकट शुरू हुए 39 दिन हो चुके हैं. इतने समय से ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही लगभग रुकी हुई है. भारत समेत कुछ देशों के जहाजों को ही सीमित संख्या में निकलने की अनुमति मिल रही है. इसी वजह से कई पड़ोसी देशों में तेल और गैस को लेकर गंभीर हालात बने हुए हैं.

