जम्मू-कश्मीर की त्रिकूट पहाड़ियों में स्थित माता वैष्णो देवी का पवित्र धाम भारत के सबसे श्रद्धेय तीर्थस्थलों में गिना जाता है। हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु यहां माता के दर्शन के लिए कठिन यात्रा पूरी करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस पवित्र गुफा की खोज कैसे हुई?
लोकमान्यताओं के अनुसार, करीब 700 वर्ष पहले माता वैष्णो देवी ने अपने परम भक्त पंडित श्रीधर को स्वप्न में दर्शन दिए। कहा जाता है कि एक विशाल भंडारे के दौरान माता कन्या के रूप में आई थीं और अचानक अदृश्य हो गईं। इस घटना से व्यथित पंडित श्रीधर ने अन्न-जल त्याग दिया। तभी माता ने उन्हें स्वप्न में त्रिकूट पर्वत की घाटियों में आने का संकेत दिया।
पंडित श्रीधर ने कठिन खोज के बाद उस दिव्य गुफा तक पहुंचकर तीन पवित्र पिंडियों के दर्शन किए। मान्यता है कि ये तीनों पिंडियां माता महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के स्वरूप हैं। वहीं माता ने उन्हें इस पवित्र धाम की महिमा संसारभर में फैलाने का आशीर्वाद दिया।
आज भी लाखों श्रद्धालु इसी पवित्र गुफा में पहुंचकर माता के दर्शन करते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना करते हैं। आस्था, विश्वास और भक्ति का यह धाम सदियों से करोड़ों लोगों की श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है।

