उत्तर प्रदेश के बदायूं की एक शादी बुधवार रात सिर्फ दो दिलों का मिलन नहीं बनी, बल्कि नफरत के दौर में इंसानियत की सबसे खूबसूरत मिसाल बन गई। माता-पिता के साये से वंचित हिंदू बेटी दीपांशी का कन्यादान उसके मुंह बोले मुस्लिम भाई रियासत उर्फ बबलू सिद्दीकी ने किया। खून का रिश्ता नहीं था, लेकिन जिम्मेदारी ऐसी निभाई कि हर आंख नम हो गई।
दरअसल, बदायूं जिले के उझानी कस्बे में 8 जुलाई की रात एसएस ग्रीन पैलेस में दीपांशी और कमलकांत की शादी हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुई। इस शादी को खास बनाया उस शख्स ने, जिसका दूल्हा-दुल्हन से कोई खून का रिश्ता नहीं था। मुस्लिम समाज से जुड़े रियासत उर्फ बबलू सिद्दीकी ने वर्षों पहले दीपांशी को अपनी बहन माना था और उसी रिश्ते को आखिरी रस्म तक निभाया।

