लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने सीडीपीओ से मांगा स्पष्टीकरण
संवाददाता वंदना शाहजहांपुर
शाहजहांपुर, दिनांक 20 फरवरी 2026। जनपद में संचालित विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा विकास खंड ददरौल स्थित खंड विकास अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय में संचालित विभिन्न पटलों के कार्यों की विस्तारपूर्वक समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कार्य प्रगति, अभिलेखों के रख-रखाव एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख रखाव, कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था तथा कार्यों के समयबद्ध एवं पारदर्शी निष्पादन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय में जिलाधिकारी ने फीता काटकर प्रेरणा कैंटीन का भी शुभारंभ किया।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय का भी गहन निरीक्षण किया गया, जहां उन्होंने विभिन्न योजनाओं से संबंधित अभिलेखों, आवश्यक दस्तावेजों एवं उपलब्ध सामग्री के पुष्टाहार स्टॉक का सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए उपलब्ध कराए गए शिशु डेस्क एवं मैट का वितरण समय से नहीं किया गया है और संबंधित सामग्री स्टोरेज में ही पड़ी हुई है। इस गंभीर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता एवं घोर लापरवाही बताया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करना संबंधित अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने संबंधित सीडीपीओ से इस गंभीर अनियमितता के संबंध में तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा चेतावनी दी कि यदि समय से सामग्री का वितरण नहीं किया गया तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाने वाली समस्त सामग्री का वितरण प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रभावी निगरानी एवं उत्तरदायित्व तय किया जाए।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

