मुरादाबाद। जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं पर अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है। विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ जिलाधिकारी (DM) डॉ. राजेन्द्र पैंसिया के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) आलोक शर्मा ने बड़ी कार्रवाई की है।
जनपद के कुन्दरकी, बिलारी और छजलैट ब्लॉक की 7 ग्राम पंचायतों से कुल ₹64,75,819 (64.75 लाख रुपये) की रिकवरी के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान कराए गए विकास कार्यों और पंचायत फंड के खर्चों के ऑडिट में भारी वित्तीय गड़बड़ियां और कागजी कमियां पाई गईं।
प्रशासन ने इन अधिकारियों और प्रधानों को स्पष्टीकरण देने के लिए कई मौके और नोटिस दिए, लेकिन इनकी तरफ से कोई संतोषजनक जवाब या रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया।
किस पंचायत से कितनी होगी वसूली?…
बिलारी- नगला गूजर प्रधान बलवीर & सचिव शैलेन्द्र कुमार ₹16,69,623
बिलारी- मुड़िया राजा प्रधान श्रीमती नन्हीं देवी & सचिव श्याम सिंह गौतम
₹13,88,740.50
कुन्दरकी- कमालपुर चन्दौरा प्रधान कपिल कुमार सिंह & सचिव शैलेन्द्र कुमार
₹10,99,997
कुन्दरकी- सादकपुर खिचड़ी प्रधान विपिन कुमार & सचिव अभिषेक चौहान
₹10,10,684
बिलारी- बिलारी देहात प्रधान श्रीमती रिंकी सिंह & सचिव शैलेन्द्र कुमार
₹6,98,773
कुन्दरकी- सोनकपुर प्रधान श्रीमती फूलवती & सचिव रामप्रकाश
₹5,20,371
छजलैट- सुल्तानपुर फलेदा प्रधान श्रीमती राजेश्री & सचिव राजकुमार वर्मा
₹87,631
बिलारी और कुन्दरकी ब्लॉक की तीन अलग-अलग पंचायतों (नगला गूजर, बिलारी देहात और कमालपुर चन्दौरा) में तैनात रहे तत्कालीन सचिव शैलेन्द्र कुमार के कार्यकाल में सबसे बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। इन तीनों पंचायतों को मिलाकर अकेले इनसे और संबंधित प्रधानों से करीब ₹34.68 लाख वसूले जाएंगे।
आगे की कार्यवाही।…
DPRO आलोक शर्मा ने साफ कर दिया है कि वसूली की यह प्रक्रिया राजस्व विभाग (Revenue Department) के जरिए कड़ाई से, ठीक उसी तरह की जाएगी जैसे सरकारी बकाया या आरसी (Recovery Certificate) की वसूली होती है। इसकी रेगुलर प्रोग्रेस रिपोर्ट सीधे आलाधिकारियों को भेजी जाएगी।

