‘एक ब्राह्मण की हत्या हुई, कोई पूछने तक नहीं आया’, गोरखपुर में शिवकुमार तिवारी के परिजनों का दर्द छलका; 4 दिन पहले तलवार से हुई थी हत्या, पुलिस आरोपियों के जर्मन शेफर्ड और गाय की देखभाल कर रही!
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सिकरीगंज थाना क्षेत्र में 8 अगस्त को शिवकुमार तिवारी की बेरहमी से हुई हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने घटना में शामिल सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथी ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी नामजद आरोपियों पर एनएसए (NSA) लगाने की तैयारी शुरू कर दी है. इस घटना के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है, तो वहीं आरोपियों के घर पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है.
गोरखपुर के सिकरीगंज थाना क्षेत्र में 8 अगस्त को गांव के ही चौधरी पट्टी के लोगों ने शिवकुमार तिवारी की निर्मम हत्या कर दी थी. इस खौफनाक वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. इसके बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी आठ नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस प्रशासन ने इन सभी पर एनएसए के तहत कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है. इसके साथ ही शांति बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है.
इस दर्दनाक घटना के बाद शिवकुमार तिवारी के घर पर रिश्तेदारों और गांव वालों की भारी भीड़ लगी है. मृतक के बेटे आदित्य गहरे दुख में हैं और कुछ भी बोलने की हालत में नहीं हैं. उनके रिश्तेदार भानु मिश्रा ने बताया कि जिले में कई सजातीय ब्राह्मण जनप्रतिनिधि हैं, लेकिन कोई भी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने नहीं पहुंचा है. वहीं, न्याय की मांग को लेकर स्थानीय ब्राह्मण एकता परिषद ने कोरांव तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन भी सौंपा है.
आरोपियों का घर अहिरौला में ठेकेदार के घर से 500 मीटर दूर है। 8 आरोपी गिरफ्तार हैं, सभी आरोपियों के घर पर ताला बंद है।
सुरक्षा के लिहाज से उनके घर पर पुलिस फोर्स तैनात है। आरोपियों के घर पर जर्मन शेफर्ड कुत्ता और एक गाय घटना के बाद से ही भूखी-प्यासी बंधी है। पांच दिन से कुत्ता और गाय को पुलिसवाले खाना खिला रहे हैं।
यह एक दिन की लड़ाई का नतीजा नहीं, बल्कि साल 2024 में हुई आदेश चौधरी हत्याकांड का बदला था। जिसे ठेकेदार के चचेरे भाइयों ने मिलकर अंजाम दिया था। इसी रंजिश में आदेश चौधरी परिवार के नाबालिग 12वीं के छात्र ने तलवार से वार कर ठेकेदार को मार डाला। आरोपी ने पुलिस से बताया कि आसानी से काट सके, इसलिए तलवार खरीदने के बाद उसमें दो दिन तक धार लगाई थी।

