उत्तर प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत देने की तैयारी है। प्रबंधन से जरा सी तकरार पर नौकरी खोने वाले शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने वाली है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इन शिक्षकों के लिए जॉब सिक्यूरिटी की दिशा में एक बड़े कदम उठाने का संकेत दिया है। इसमें साफ है कि सरकार बिना कारण बताए प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों को नहीं हटा सकेगी। योगी सरकार की ओर से इसको लेकर नियमावली तैयार कराए जाने की बात सामने आई है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 25 हजार प्राइवेट सेकेंडरी स्कूलों के 3.50 लाख शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो जाएगी। इसके लिए सेवा नियमावली बनाए जाने की तैयारी की गई है।
प्राइवेट सेकेंडरी स्कूल शिक्षकों के लिए सरकार की ओर से सेवा नियमावली तैयार किए जाने की दिशा में पहल हुई है। इसको लेकर अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमिटी बनाई गई है। कमिटी की देखरेख में सेवा नियमावली बनाई जाएगी। इसके बाद बिना वाजिब कारण किसी भी प्राइवेट स्कूल शिक्षक को नौकरी से नहीं हटाया जा सकेगा। नियमावली के तैयार होकर प्रदेश में लागू होने के बाद प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी।

