सम्भल में महिष्मति नदी का किया जा रहा है पुनरुद्धार जल्द पुराने स्वरूप में लौटेगी महिष्मति
जिलाधिकारी के निर्देशन में संचालित एक जनपद-पांच नदियाँ अभियान के अन्तर्गत इससे पूर्व गुन्नौर तहसील में वर्धमार नदी भी बही जलधारा, वर्धमार नदी का भी किया जा रहा है पुनरुद्धार
सम्भल (बहजोई), 11 अगस्त 2026: कभी अपनी जलधारा के लिए पहचानी जाने वाली महिष्मति नदी में एक बार फिर पानी बहने लगा है। जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल के निर्देशन में संचालित ‘एक जनपद-पांच नदियाँ’ अभियान के अंतर्गत नदी के अतिक्रमण वाले हिस्सों को मुक्त कराकर खुदाई एवं पुनरुद्धार का कार्य कराया जा रहा है। अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और नदी के पुनरुद्धार किए गए हिस्सों में जलधारा प्रवाहित होने लगी है।
महिष्मति नदी ( भैंस नदी) तहसील सम्भल के खग्गुपुरा, रसूलपुर सराय, नरोत्तम सराय, बदायूं दरवाजा एवं हबीबपुर गांवों से होकर गुजरती है। जनपद में नदी की कुल लंबाई करीब 12 किलोमीटर है। वर्तमान में लगभग 1.5 से 2 किलोमीटर हिस्से को उप जिलाधिकारी सम्भल विकासचन्द्र के निर्देशन में तहसीलदार सम्भल धीरेन्द्र कुमार सिंह तथा नायब तहसीलदार भूड़ अरविंद कुमार सिंह एवं उनकी टीम द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराकर उसकी खुदाई एवं सफाई कराते हुए प्राचीन स्वरूप प्रदान किया गया है।
उप जिलाधिकारी सम्भल विकासचन्द्र ने बताया कि नदी के अतिक्रमण वाले हिस्सों को चिह्नित कर उन्हें मुक्त कराने के साथ ही पुनरुद्धार का कार्य कराया जा रहा है। पुनरुद्धार के बाद नदी के कुछ हिस्सों में पानी का प्रवाह शुरू हो गया है।
वर्धमार नदी में भी बह रही जलधारा
जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल ने बताया कि ‘एक जनपद-पांच नदियाँ’ अभियान के तहत जनपद में जल संरक्षण, जल संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर निरंतर कार्य किया जा रहा है। गुन्नौर क्षेत्र की वर्धमार नदी का भी पुनरुद्धार कराया जा रहा है , वहाँ भी जलधारा प्रवाहित हो रही है। इसी क्रम में महिष्मति नदी को भी चरणबद्ध तरीके से पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त कराकर उसके प्राचीन स्वरूप में लौटाया जाएगा।
नदियों के पुनरुद्धार से जल संरक्षण, भूजल स्तर में सुधार और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन के इस प्रयास से क्षेत्र में जलधाराओं को पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।

