थाना प्रभारी अमित भड़ाना के नेतृत्व में पुलिस-PAC ने संभाला मोर्चा; 10 महीने पहले टेंडर अवार्ड होने के बावजूद अटका था काम
दादरी। चंद लोगों की व्यक्तिगत हठधर्मिता और नाजायज मांगों के कारण पूरे क्षेत्र के विकास को बंधक बनाने के खेल का आज प्रशासन ने अंत कर दिया। महज एक किसान की अनुचित और बेबुनियाद मांग की आड़ में लंबे समय से रोके गए बादलपुर 33/11 kVA बिजलीघर का निर्माण कार्य आज आखिरकार दोबारा शुरू करा दिया गया।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने के लिए बादलपुर थाना प्रभारी श्री अमित भड़ाना के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) के जवानों ने कार्यस्थल पर मोर्चा संभाला। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के आला अधिकारियों और पुलिस प्रशासन की इस संयुक्त व सख्त मौजूदगी ने साफ संदेश दे दिया है कि चंद लोगों के निजी स्वार्थ के लिए हजारों परिवारों के हक की बलि नहीं चढ़ने दी जाएगी।
10 महीने का इंतजार और टेंडर की मियाद
ग़ौरतलब हो कि इस बेहद महत्वपूर्ण बिजलीघर के टेंडर को अवार्ड हुए पूरे 10 महीने हो चुके हैं। जिम्मेदार एजेंसियों द्वारा टेंडर प्रक्रिया महीनों पहले ही पूरी की जा चुकी थी, लेकिन सिर्फ एक व्यक्ति के अड़ंगे और नाजायज मांग के कारण काम को धरातल पर नहीं उतरने दिया जा रहा था। इतने महीनों तक सरकारी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद जनता को सिर्फ इसलिए परेशानी झेलनी पड़ी क्योंकि विकास कार्यों का रास्ता रोका गया था। आज पुलिस और प्राधिकरण की टीम ने मौके पर मुस्तैद रहकर इस अड़ंगेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
हजारों उपभोक्ताओं को बनाया गया था बंधक
इस बिजलीघर का काम रुके होने की वजह से पूरा क्षेत्र बिजली के गंभीर संकट से जूझ रहा था। वर्तमान में बिश्नोली बिजलीघर पर क्षमता से अधिक लोड होने के कारण आए दिन होने वाले फॉल्ट, भयंकर ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज ने जनता का जीना मुहाल कर रखा था। इस सबस्टेशन के शुरू होने से:
बिश्नोली बिजलीघर को ओवरलोडिंग की मार से तुरंत मुक्ति मिलेगी।
क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को सुचारू और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
गर्मियों के इस सीजन में होने वाली अघोषित बिजली कटौती पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
क्षेत्र में खुशी की लहर, ग्रामीणों ने जताया आभार
एक तरफ जहां विकास विरोधी मंसूबों पर पानी फिरा है, वहीं दूसरी ओर सालों से नरकीय जीवन झेल रहे आम ग्रामीणों और बिजली उपभोक्ताओं में भारी उत्साह है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि किसी एक व्यक्ति की नाजायज मांग के कारण हजारों लोगों को अंधेरे में धकेलना पूरी तरह गलत था। आज काम शुरू होने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और इस त्वरित व सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का आभार जताया है।

