सपा सांसदों ने बुधवार को संसद भवन के बाहर राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। डिंपल यादव दानपेटी लेकर संसद भवन पहुंचीं। उन्होंने- सपा सांसदों और मीडिया कर्मियों से कहा- पहले इसमें पैसे डालिए। इसके बाद सपा के कई सांसदों ने दानपेटी में पैसे डाले। बाद में अखिलेश ने भी दानपेटी में नोट डाला। इस दौरान सपा सांसदों ने ‘चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए।
डिंपल यादव ने कहा- भाजपा के लोगों ने चंदे को हजम करने का काम किया। अयोध्या में इतनी बड़ी घटना हुई। मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी बनती है कि वे बताएं कि यह घोटाला कैसे हुआ। SIT का गठन केवल खानापूर्ति के लिए किया जाता है, ताकि लोगों का ध्यान भटकाया जा सके।
अखिलेश यादव ने कहा- बात वही है कि जो लोग दानपात्र तक को नहीं बचा पाए, उनसे क्या उम्मीद की जाए? संदेश साफ है कि जो लोग श्रद्धा के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं, वे हमारे युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर सकते हैं।
लोकसभा में बुधवार सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के चलते सदन दोपहर 12 बजे तक स्थगित रहा। इसके बाद सदन में संशोधन बिल पर चर्चा शुरू हुई। आज पेपर लीक से जुड़े ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर लगातार दूसरे दिन चर्चा के दौरान राहुल गांधी के गृहमंत्री पर बयान के चलते सदन में भारी हंगामा हुआ। इसके चलते लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इससे पहले मंगलवार को संशोधन बिल पर लगातार 9 घंटे बहस हुई थी।
अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “अफसोस है कि भाजपा के लोग और उनकी सरकार बड़ी मछलियों को बचा रही है। यह सरकार अयोध्या से आई है और अयोध्या से ही जाएगी। इसकी शुरुआत हो चुकी है। भाजपा को 50 सीटें भी नहीं मिलेंगी। यह प्रभु का कहना है, अवधेश प्रसाद का नहीं।”

