अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ ने स्थानीय कारोबार में काफी वृद्धि कर दी है। राम मंदिर निर्माण के साथ ही अयेाध्या मे धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ी सामाग्रियों के व्यवसाय में खासी बढ़ोत्तरी हो रही है। इसमें सबसे प्रमुख हैं, बेसन के लड्डू और खुरचन पेड़ा का व्यवसाय। इसके अलावा अब रामलला की प्रतीक मूर्तियों, तुलसी की कंठी, सिंदूर, खड़ाऊं, रामनामी, रोली और चंदन पाउडर आदि के व्यवसाय में भी तेजी आई है। राम मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए रोजाना देश के कोने कोने से औसतन दो लाख तक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। वे यहां के कारोबारियों से इसी तरह के सामानों को रामनगरी की याद के तौर पर खरीद कर ले जाते हैं। इसमे दक्षिण के प्रांतों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सबसे ज्यादा है।
हनुमानगढ़ी को जोड़ने वाली सड़कों पर कतार से केवल देशी घी के बेसन के लड्डू, खुरचन पेड़ा और मेवे के पेड़े की दूकानों की कतारें हैं । इन्हीं में है अयाध्या व्यापार मंडल के महामंत्री और मोदनवाल समाज के अध्यक्ष नंदलाल गुप्ता की दूकान। इनका 4 पीढ़ियों का व्यवसाय बेसन के लड्डू के निर्माण से जुड़ा रहा है। नंदलाल कहते हैं कि राम मंदिर के निर्माण के साथ ही अयोध्या के हनुमानगढ़ी इलाके के करीब 75 और नयाघाट एवं अन्य स्थलों को मिलाकर करीब 150 लड्डू एवं खुरचन पेड़ा के व्यापारियों की बिक्री में 5 से लेकर 10 गुना तक का इजाफा हुआ है।

