मध्य प्रदेश के मैहर और सतना में समीक्षा बैठकों के दौरान रीवा कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने एक अनोखा कदम उठाया। मीटिंग के बीच कई अधिकारियों के बार-बार वॉशरूम जाने पर कमिश्नर को शक हुआ। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को तुरंत कलेक्ट्रेट सभागार बुलाकर सभी अधिकारियों का ऑन-द-स्पॉट ब्लड शुगर टेस्ट कराने का आदेश दिया।
जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। मैहर में 49 अधिकारियों का टेस्ट हुआ, जिनमें से 16 का शुगर लेवल 200 mg/dl से अधिक पाया गया। इसके अगले दिन सतना में भी बैठक से पहले अधिकारियों के लिए शुगर टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया। सतना में 29 लोगों की जांच हुई, जिनमें 5 का शुगर लेवल बढ़ा हुआ मिला।
इस अचानक हुई मेडिकल जांच में कुल 21 अधिकारी हाई ब्लड शुगर (डायबिटीज) के शिकार पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने मानक से अधिक शुगर लेवल वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने, नियमित जांच कराने और अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सख्त सलाह दी है।

