नोएडा में पिछले तीन दिनों से सुलग रहा प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों का असंतोष सोमवार को अचानक भड़क उठा. कल तक जो प्रदर्शन नारेबाजी और शांतिपूर्ण विरोध तक सीमित था, सोमवार को उग्र रूप ले बैठा. सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए, कई जगहों पर जाम लगा दिया, और कुछ स्थानों पर गाड़ियों में तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं. हालात बिगड़ते देख पुलिस को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा और कई रूटों पर यातायात डायवर्ट करना पड़ा. यह पूरा विवाद सिर्फ सैलरी बढ़ाने की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कर्मचारियों की लंबे समय से जमा हो रही नाराजगी, असंतोष और कथित शोषण की कहानी भी छिपी हुई है. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने खुलकर कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कई चौंकाने वाले आरोप लगाए. 15 हजार देते हैं, 25 हजार दिखाते हैं
प्रदर्शन कर रही एक महिला कर्मचारी ने आजतक को बताया, हमें 9 से 11 हजार रुपये के बीच सैलरी मिलती है. सालों तक मेहनत करने के बाद भी इसमें कोई खास बढ़ोतरी नहीं होती. अगर ज्यादा आवाज उठाओ तो 200-300 रुपये बढ़ा देते हैं, जैसे कोई बहुत बड़ा एहसान कर दिया हो. एक अन्य महिला कर्मचारी ने कहा, हमसे 10-12 घंटे काम कराया जाता है, लेकिन वेतन सिर्फ 15 हजार मिलता है. ऊपर से जब कोई जांच करने आता है, तो कंपनी वाले रिकॉर्ड में दिखाते हैं कि हमें 25 हजार रुपये मिलते हैं. कर्मचारियों का आरोप है कि कागजों पर सब कुछ सही दिखाया जाता है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. एक कर्मचारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर हम विरोध करें तो मामूली बढ़ोतरी कर दी जाती है, लेकिन असल समस्या जस की तस रहती है.
काम के घंटे ज्यादा, सुविधाएं नदारद कई कर्मचारियों ने बताया कि उनसे तय समय से ज्यादा काम लिया जाता है, लेकिन उसके बदले उचित भुगतान नहीं किया जाता. ओवरटाइम का पैसा या तो दिया ही नहीं जाता, या फिर उसमें कटौती कर दी जाती है. एक कर्मचारी ने कहा, हम सुबह से रात तक काम करते हैं. छुट्टी भी मुश्किल से मिलती है. कोई मेडिकल सुविधा नहीं, कोई सुरक्षा नहीं… बस काम लो और पैसा कम से कम दो, यही चल रहा है. महिला कर्मचारियों ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. उनका कहना है कि कई जगहों पर बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे काम करना और भी मुश्किल हो जाता है. फरीदाबाद से नोएडा तक असर इस आंदोलन की गूंज सिर्फ नोएडा तक ही सीमित नहीं रही.
वेतन विवाद ने लिया उग्र रूप, नोएडा में कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हुआ
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