देश में ब्रिटिश काल की कुछ ऐसी निशानियां आज भी ढोई जा रहीं है, जिन्हें कब का खत्म कर दिया जाना चाहिए था। Two Finger Test उनमें से एक है। रेप पीड़ित महिलाओं के लिए पुलिस ऐसी चिकित्सकीय जांच दशकों से करवाती आई है। कई राज्यों में इस पर रोक लगी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में गाईडलाईन तय की हुई हैं। फिर भी कहीं-कहीं ऐसे मामले आज भी सामने आ जाते हैं।
अब एक ताजा मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार को कहा है कि सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में विवादित टू-फिंगर जांच Two-Finger Test को पूरी तरह प्रतिबंधित करे। यह अमानवीय है। यदि कानून और आम जनता के हित से जुड़ी कानूनी खबरों में आपकी रुचि है तो यह खबर आपके लिए है..

