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अमर केसरी हिंदी दैनिक न्यूज़ > राज्य > उत्तर प्रदेश > खतौनी-कागजों की जांच के बाद ही रजिस्ट्री, योगी कैबिनेट में 27 से अधिक प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
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खतौनी-कागजों की जांच के बाद ही रजिस्ट्री, योगी कैबिनेट में 27 से अधिक प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

Amarkesadmin
Last updated: March 10, 2026 1:44 am
Amarkesadmin
5 months ago
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लखनऊ। करीब एक महीने बाद मंगलवार को लोक भवन में कैबिनेट की बैठक होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में आवास, स्टांप, औद्योगिक विकास, ऊर्जा, परिवहन, शिक्षा आदि विभागों के 27 से अधिक प्रस्तावों को स्वीकृति मिल सकती है।

मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना में बरेली, वाराणसी, उरई, चित्रकूट, बांदा, प्रतापगढ़, गाजीपुर व मऊ को करीब 800 करोड़ रुपये दिए जा सकते हैं। प्रदेश सरकार बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभागों के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक, स्ववित्तपोषित मान्यताप्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों व राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत नियमित और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने जा रही है।

मंगलवार को उच्च शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल सकती है। बजट में पहले से ही इसका प्रविधान किया जा चुका है। मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 200 एकड़ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक कॉरिडोर (आईएमएलसी) स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष राज्य में एक्सप्रेसवे के किनारे 27 आईएमएलसी की स्थापना की घोषणा की थी। इसके बाद आईएमएलसी की स्थापना के लिए विभिन्न जिलों में भूमि अधिग्रहण का कार्य किया जा रहा है।

इसी सिलसिले में मेरठ में 200 एकड़ में आईएमएलसी की स्थापना को लेकर भूमि अधिग्रहण से संबंधित राशि जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल सकती है। इस आईएमएलसी की स्थापना अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत की जाएगी।

खेलकूद विभाग की ओर से कानपुर के ग्रीनपार्क स्टेडियम को उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) को दिए जाने से जुड़े अनुज्ञा-अनुबंध में संशोधन का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसमें स्टेडियम के उपयोग से जुड़े शुल्क निर्धारण और कुछ अन्य शर्तों में बदलाव किए जाने की योजना है। वहीं, कानपुर में स्थापित हो रही ट्रांसगंगा सिटी को कानपुर नगर से जोड़ने के लिए चार लेन के सेतु का निर्माण किया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 700 करोड़ रुपये का खर्च जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव को भी कैबिनेट की बैठक में स्वीकृत किया जा सकता है।

इसका निर्माण कानपुर के सरसैया घाट से शुक्लागंज (उन्नाव) के बीच करीब 1.8 किलोमीटर में किया जाएगा। इससे 14 किलोमीटर की दूरी घटकर करीब चार किलोमीटर रह जाएगी। साथ ही कानपुर की वीआइपी रोड सीधे ट्रांसगंगा सिटी से जुड़ जाएगी। इससे गंगा बैराज पर लोगों को जाम से राहत मिलेगी। इसका निर्माण सेतु निगम द्वारा 36 माह में कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार वस्त्र एवं वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में निवेशकों को निवेश पर प्रोत्साहन राशि जारी करने में हो रही प्रक्रियागत परेशानी को समाप्त करने के लिए टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022 में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट की बैठक में पेश किया जाएगा।

12 हजार से अधिक गांवों को बस सेवा से जोड़ेगी सरकार

प्रदेश के 12,200 गांवों को सार्वजनिक परिवहन सेवा से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इन क्षेत्रों तक अभी नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं है। इसके लिए सरकार मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 को स्वीकृति देने की तैयारी में है। योजना के तहत परिवहन निगम की बसों के साथ-साथ निजी बसों का संचालन भी गांवों तक कराया जाएगा।

कैबिनेट के एजेंडे में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को मजबूत करने का प्रस्ताव भी शामिल है। योजना के तहत गांवों में बसें चलाने वाले निजी ऑपरेटरों को प्रोत्साहित करने के लिए परमिट देने में विशेष छूट का प्रविधान किया जाएगा। उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में संशोधन और उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम की बसों पर लगाए गए अतिरिक्त कर को तर्कसंगत बनाने से संबंधित प्रस्ताव को भी कैबिनेट से हरी झंडी मिल सकती है। इससे अनुबंधित बसों को राहत मिल सकती है।

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