मा. मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का मा. पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी की उपस्थिति में हुआ सजीव प्रसारण
“विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण” — मा. मंत्री श्री धर्मपाल सिंह
सम्भल (बहजोई), 08 जुलाई, 2026
माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में वाराणसी से आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ, विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रति विद्यार्थी ₹1,200 की धनराशि अंतरण, शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने हेतु स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू हस्ताक्षर तथा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों के सम्मान समारोह का कलक्ट्रेट सभागार, बहजोई में सजीव प्रसारण देखा एवं सुना गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के मा. पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री श्री धर्मपाल सिंह, जिलाधिकारी श्री अंकित खण्डेलवाल, मुख्य विकास अधिकारी श्री गोरखनाथ भट्ट, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष श्री हरेंद्र सिंह रिंकू, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री श्रीमती मंजू दिलेर, नगर पालिका परिषद बहजोई के अध्यक्ष श्री राजेश शंकर राजू, भाजपा जिला मंत्री श्री विशाल सिंह चौहान सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षा विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष श्री हरेंद्र सिंह रिंकू ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना लागू होने पर सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं अन्य कार्मिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि की थी और अब उन्हें एवं अन्य पात्र कार्मिकों को ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराकर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की रीढ़ हैं। यदि शिक्षा व्यवस्था में कहीं भी चूक होती है तो देश के भविष्य पर उसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने जनपद सम्भल में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता में हुए सुधार की सराहना करते हुए शिक्षकों से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने तथा अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों के विकास पर विशेष बल देने का आह्वान किया। उन्होंने प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत माध्यमिक विद्यालयों में हुए आधारभूत सुधारों का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम के दौरान मा. मंत्री श्री धर्मपाल सिंह एवं जिलाधिकारी श्री अंकित खण्डेलवाल द्वारा जनपद के माध्यमिक शिक्षा विभाग के 5 तथा बेसिक शिक्षा विभाग के 10 शिक्षक-शिक्षिकाओं, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं रसोइयों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत कैशलेस चिकित्सा सुविधा अनुमन्य किए जाने संबंधी प्रतीकात्मक प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। साथ ही योजना के अंतर्गत शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के संबंध में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।
अपने संबोधन में मा. मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक राष्ट्र के भावी नागरिकों का निर्माण करते हैं, इसलिए राज्य सरकार उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से लाखों शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षक, विद्यालयों में कार्यरत रसोइये तथा उनके आश्रित गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय देश एवं प्रदेश के लिए विकास का स्वर्णिम काल है। प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे समय से विद्यालय पहुँचें, विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, तकनीक-संपन्न, संस्कारयुक्त एवं राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत शिक्षा प्रदान करें तथा अपने विद्यालय को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने का संकल्प लें।
कार्यक्रम के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती अलका शर्मा ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का जनपद सम्भल में हुआ सजीव प्रसारण, लाभार्थियों को वितरित किए गए प्रतीकात्मक प्रमाण-पत्र
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