भागवत कथा में मौजूद महिलाओं ने भक्ति भाव से कथा श्रवण किया
चंदौसी नगर के गणेश कॉलोनी गली नंबर 10 में चल रही मदभागवत कथा के तृतीय दिवस में बड़ा ही सुंदर चरित्र कथा व्यास स्वामी ओमप्रकाश महाराज श्री धाम वृंदावन से पधारे स्वामी जी ने अपने मुख से कथा में बताया कि भगवान शिव पार्वती को अमर कथा सुनाई सुखदेव जी ने गौतमी माता के गर्भ में 12 वर्ष तक जिन्होंने निवास किया वेद व्यास जी ने कहा हाथ जोड़कर हे पुत्र आप अपनी माता के गर्भ से बाहर आ जाओ आपकी माता को कष्ट हो रहा है माता के गर्भ से आवाज आती है नहीं नहीं पिता श्री मैं बाहर नहीं आऊंगा क्योंकि जितना सुख हमको माता की गर्भ में मिल रहा है उतना सुख बाहर नहीं मिलेगा अगर मैं बाहर आऊंगा तो मुझे नारायण की माया नहीं छोड़ेगी मैं माया में फसना नहीं चाहता पिता श्री ने फिर पुकारा बाहर आ जाओ हे तात स्वयं श्याम भगवान नारायण मुझसे आकर कहे कि मेरी माया तुम्हे नहीं सताएगी तो ही मैं बाहर आऊंगा 12 वर्ष के बाद सुखदेव जी जन्म लेकर आए और घर को परत्याग कर दिया तात मैं तो बाहर नहीं आऊंगा गर्भ में रहकर हरि गुण गाऊंगा मुझे माया सताए जगदीश की मुझे चिंता सताएगी हर ईस्ट की सुखदेव जी ने जब जन्म लिया उसका क्या कारण था क्योंकि महाराज समिक ऋषि का अपमान हो गया महाराज परीक्षित जी के द्वारा इसलिए श्राफ मिला । कथा के अंत में भागवत जी की आरती का गुणगान किया गया और भक्तों प्रसाद वितरित किया।

