सुप्रीम कोर्ट का एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि ज्यादा क्वालिफिकेशन रखने वाला उम्मीदवार कम शैक्षणिक योग्यता वाले पदों पर नौकरी का दावा नहीं कर सकता।
अदालत ने कहा कि जिन नौकरियों को कम पढ़े-लिखे या सीमित संसाधनों वाले लोगों के लिए निर्धारित किया गया है, उन पदों पर उच्च डिग्री वाले उम्मीदवारों को मौका देना उन अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा, जो आर्थिक या अन्य परिस्थितियों की वजह से आगे की पढ़ाई नहीं कर पाए।
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि भर्ती नियमों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को समान अवसर देना है और ऐसे पदों का लाभ उन्हीं लोगों तक पहुंचना चाहिए, जिनके लिए वे निर्धारित किए गए हैं।

