मूसाझाग। क्षेत्र में रविवार को आई तेज आंधी और बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम के कारण कई पेड़ धराशायी हो गए, जिससे ग्रामीणों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा और पशुधन भी प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा, जबकि कुछ ग्रामीणों को चोटें भी आई हैं।
करौलिया गांव निवासी जगवेंद्र ने बताया कि तेज आंधी के दौरान उनके घर के बाहर खड़ा एक विशाल पीपल का पेड़ जड़ से उखड़कर गिर पड़ा। पेड़ सीधे उनके ट्रैक्टर पर आ गिरा, जिससे ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने बताया कि आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
वहीं गांव के नरविरेश ने बताया कि उनके मकान के पास स्थित पीपल का पेड़ गिरने से घर की दीवार ढह गई। हादसे के समय उनकी बेटी दामिनी घर के पास मौजूद थी, जो दीवार के मलबे की चपेट में आने से घायल हो गई। परिजनों ने तुरंत उसका उपचार कराया। हालांकि उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार आंधी और बारिश का असर पूरे गांव में देखने को मिला। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। खेतों और पशुओं को भी नुकसान पहुंचा है। कुछ पशु घायल हुए हैं, जबकि कई पशुपालकों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।
गांव वालों का कहना है कि इस बार की आंधी सामान्य से कहीं अधिक तेज थी। तेज हवाओं के कारण पुराने और बड़े पेड़ उखड़ गए, जिससे कई घरों की दीवारें और छप्पर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
आंधी-पानी से हुए नुकसान के बाद ग्रामीण अपने स्तर पर राहत और मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन को जल्द कदम उठाने चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।

