Success Story : वाडीलाल शाह की कंपनी हर साल 370 करोड़ पैकेट मसाला बेच देती है. सालाना टर्नओवर 2,500 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है. अमिताभ बच्चन ब्रांड एंडोर्स करते हैं, वे शाहरुख खान के साथ इसके विज्ञापन में नजर आते हैं.
साउथ बॉम्बे में एक लड़का अपने पिता की 200 स्क्वेयर फीट की मसालों की दुकान में काम करता था. नाम था वाडीलाल शाह (Vadilal Shah). दुकान पर मसाले बेचते-बेचते उसने नोटिस किया कि महिलाएं मसाले खरीदते समय कोई विशेष कॉम्बिनेशन का ध्यान नहीं रखती हैं. यहीं से उन्हें आइडिया आया कि क्यों न एक कम्पलीट मसाला पैक तैयार किया जाए, जिसका कॉम्बिनेशन और स्वाद हमेशा एक-सा रहे. इसी आइडिया पर काम करते हुए वाडीलाल शाह आगे बढ़े और अपना एक ऐसा ब्रांड दिया, जो मसालों की दुनिया का बादशाह बन गया.
वाडीलाल शाह ने जो ब्रांड बनाया, उसका नाम था एवरेस्ट मसाला (Everest Masala). एवरेस्ट माउंटेन की ऊंचाई जैसी हैसियत पाने वाला मसाला ब्रांड यूं ही तैयार नहीं हुआ! एवरेस्ट को इस मुकाम तक पहुंचाने के पीछे वाडीलाल शाह की कड़ी मेहनत नजर आती है. आज उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर 2,500 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है. कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, सालभर में 370 करोड़ पैकेट्स बिक जाते हैं. तो चलिए जानते हैं, वाडीलाल ने कैसे एक दुकान को कंपनी में तब्दील कर दिया
अपने ग्राहकों से ही लिया मसाले का कंपोजिशन
जो महिलाएं दुकान पर मसाला लेने आती थीं, वाडीलाल उन्हीं से अलग-अलग मसालों की रेसिपी पूछा करते थे. रेसिपी जानने के बाद वाडीलाल खुद से मसालों को ब्लेंड करने में समय बिताया करते थे. उनका मकसद था कि हर बार मसालों का वही अरोमा और फ्लेवर निकलकर सामने आए. उनके कई प्रयास फेल हुए, मगर अंत में उन्हें एक सही कंपोजिशन मिल ही गया. यहीं से गाड़ी चल पड़ी. 1967 में वाडीलाल शाह ने एक कंपनी बना ली, जिसका नाम एवरेस्ट स्पाइसेज (Everest Spices) रखा गया.
वाडीलाल शाह ने केसरी मिल्क मसाला (Kesari Milk Masala) बनाया और अपने पिताजी की दुकान पर ही बेचना शुरू किया. लोगों ने इसे पसंद किया तो उन्होंने एक चाय मसाला (Tea Masala) भी उतार दिया. इसके बाद उन्होंने गरस मसाला (Garam Masala) भी लॉन्च कर दिया. बिजनेस बढ़ने लगा. वाडीलाल शाह ने अपने बिजनेस में कुछ कमियां भी ढूंढ लीं.
उनके बिजनेस में एक ही कमी थी, और वह यह कि उनका मसाला केवल एक ही दुकान पर बिक रहा था. भारत मसालों की बड़ी मार्केट है और देश में 63 अलग-अलग मसाले बिकते हैं. इसलिए, वाडीलाल ने देश के अलग-अलग हिस्सों में ट्रैवलिंग की. उन्होंने कई तरह के मसालों की जानकारी हासिल की.
एवरेस्ट की वो यादगार रात…
1980 में उन्होंने एक बड़ा कदम उठाने का फैसला लिया. दिमाग के विचार को पकने में पूरे 2 साल सल गए और 1982 में वाडीलाल शाह ने अपनी पहली फैक्टरी लगा दी. यह फैक्टरी मुंबई के विखरोली में लगी. वाडीलाल ने डीलरों की एक मीटिंग बुलाई, जिसका नाम रखा गया ‘एवरेस्ट की यादगार रात’. इस मीटिंग का मकसद पूरे भारत में मसालों को उपलब्ध कराना था. 1983 तक, एवरेस्ट की पहुंच देश के कई हिस्सों तक हो गई थी.
मसालों का पहला विज्ञापन और बूम…
अखबारों और मैग्जीनों का जमाना था, मगर एवरेस्ट पहली ऐसी कंपनी बनी, जिसने मसालों के लिए एक टेलीविजन विज्ञापन तैयार किया. दूरदर्शन पर चले इस विज्ञापन ने कंपनी के बिजनेस को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया. इस विज्ञापन के सहारे 1,00,000 चाय मसाला पैकेट बिक गए और कंपनी बॉम्बे में पूरी तरह छा गई. मसाला बाजार में 9.5 प्रतिशत का मार्केट शेयर पाकर कंपनी नंबर 1 की पॉजिशन पर पहुंच गई. चाय मसाले की क्वालिटी ऐसी दमदार थी कि एक बार खरीदने वालों में से 90 प्रतिशत ग्राहकों ने इसे बार-बार खरीदा. बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए वाडीलाल ने 1996 में कुर्ला में एक दूसरी फैक्टरी खोली.
पहले टीवी विज्ञापन की सफलता के बाद वाडीलाल ने एक और टीवी विज्ञापन चलवाया. दूसरा विज्ञापन एवरेस्ट गरम मसाला (Everest Garam Masala) का था, जिसे 15 साबुत मसालों को ब्लेंड किया गया था. इस विज्ञापन के लिए अभिनेत्री मंदिरा बेदी को साइन किया गया. इस विज्ञापन के बाद एवरेस्ट मसाला गांव-देहात तक पहुंचने में सफल रहा.
1983 में भारतीय क्रिकेट टीम ने कपिल देव के नेतृत्व में वर्ल्ड कप जीता तो टीवी की डिमांड बढ़ी. टीवी के साथ-साथ मसालों का प्रचार हुआ और एवरेस्ट घर-घर पहुंचने लगा. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2007 आते-आते भारत के 2 करोड़ से अधिक घरों तक एवरेस्ट मसाले पहुंच चुके थे. पूरे देश में वितरण नेटवर्क बन गया. 1,000 से अधिक शहरों में 40,000 से अधिक आउटलेट्स पर एवरेस्ट मसाला मिलने लगा. पूरे भारत में 30 प्रतिशत मार्केट शेयर हासिल करने के बाद एवरेस्ट मसाला देश का नंबर 1 ब्लेंडेड मसाला बन गया. एवरेस्ट को 2003 में पहली बार पहला सुपरब्रांड अवार्ड मिला था. इसके बाद उन्हें 7 और बार (2006, 2009, 2012, 2015, 2017, 2019 और 2021) इस अवार्ड से नवाजा जा चुका है.
मिर्ची : तीखालाल से लेकर कुटीलाल तक…
एवरेस्ट लाल मिर्ची में 2 विकल्प उपलब्ध करता है. जो लोग रॉ स्पाइस खाना चाहते हैं, उनके लिए तीखालाल (Tikhalal) है और खुरदुरा मसाला खाने के इच्छुक लोगों के लिए कुटीलाल (Kutilal) है. इसके अलावा कंपनी के पास 45 से अधिक स्पाइस की बड़ी रेंज है, फिर चाहे आप शाही पनीर मसाला लें या सांभर मसाला. 2014 तक कंपनी ने ऐसी तरक्की की कि एवरेस्ट 1,000 करोड़ रुपये का ब्रांड बन गया था.
अमिताभ बच्चन का जादू भी चला
2017 तक, एवरेस्ट मसाला ने 1,500 करोड़ रुपये की सेल की. इसी समय कंपनी ने गुजरात के उंबेरगांव में अपनी सबसे बड़ी मसाला फैक्टरी की घोषणा की. इस फैक्टरी में प्रतिदिन 1000 मीट्रिक टन मसालों का उत्पादन होता है. 2017 में कंपनी ने देश के सदी के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया. अभिताभ बच्चन के विज्ञापनों के चलते 2021 तक कंपनी की सेल 2,000 करोड़ को पार कर गई थी. फिलहाल इसकी सेल 2,600 करोड़ की है. कंपनी की वेबसाइट पर अमिताभ बच्चन के साथ-साथ बॉलीवुड के किंग खान मतलब शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) भी नजर आते हैं.
बिजनेस की दुनिया में अमर हो गए वाडीकाका
फिलहाल 65 देशों में एवरेस्ट मसाले बिक रहे हैं. इतना बड़ा ब्रांड स्थापिन करने वाले वाडीलाल शाह 21 अगस्त 2020 को दुनिया को अलविदा कह गए. उनकी मृत्यु से 4 दिन पहले ही उनकी पत्नी हीराबेन कोरोना की वजह से चल बसी थीं. जामनगर (गुजरात) के रहने वाले वाडीला शाह 83 साल के थे. जामनगर में लोग उन्हें प्यार से वाडीकाका कहकर बुलाते थे 🫶❤️🩹
📌 Disclaimer:
यह पोस्ट केवल शिक्षा, प्रेरणा और जानकारी (Storytelling) के उद्देश्य से बनाई गई है। इसमें दी गई कंपनी, बिज़नेस या व्यक्ति की सफलता की कहानी सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की निवेश (Investment), वित्तीय (Financial) या शेयर खरीदने/बेचने की सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें और स्वयं रिसर्च अवश्य करें।

