वृंदावन: पुरुषोत्तम मास का आखिरी पड़ाव शुरू हो रहा है तो श्रद्धालुओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर ही नहीं दूसरे मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ से हालात बिगड़ रहे हैं। जबकि रास्तों में पैदल श्रद्धालुओं की टोलियां एक मंदिर से दूसरे मंदिर दर्शन को पहुंच रही है।
हालात ये कि देश दुनिया के लाखों श्रद्धालुओं ने वृंदावन में डेरा डाला है और लगातार श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला जारी है। यही कारण है कि शहर के होटल, गेस्टहाउस व आश्रमों में कमरे पूरी तरह बुक हो चुके हैं। ऐसे में वृंदावन में ठहरने के उद्देश्य से आ रहे श्रद्धालु ठहरने के लिए कमरा बिना बुक करवाए आएंगे तो उन्हें एक एक कमरे के लिए भटकना पड़ सकता है। छोटे आश्रम से लेकर बड़े गेस्टहाउस तो पूरी तरह फुल हो चुके हैं। होटलों में भी लगभग बुकिंग पूरी होने को है।
पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) में अब दस दिन बाकी बचे हैं। पिछले बीस दिन से पुुरुषोत्तम मास में वृंदावन के मंदिरों में दर्शन, जप, तप और दान-पुण्य करने काे देश दुनिया के भक्तों ने वृंदावन में डेरा डाला है। पुरुषोत्तम मास के अंतिम पड़ाव में अब श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
अगले दस दिन तक शहर के होटल, गेस्टहाउस, आश्रमों में कमरे पूरी तरह फुल हो चुके हैं। श्रद्धालुओं ने अपनी बुकिंग पहले ही करवा रखी है। ऐसे में बिना बुकिंग के आने वाले श्रद्धालुओं को एक एक कमरे में ठहरने के लिए भटकना पड़ रहा है अथवा सड़क किनारे हाथ में रूम चाहिए का बोर्ड लेकर खड़े लोगों के चक्कर में घरों के कमरों में ठहरकर तीर्थयात्रा करनी पड़ रही है।
तीर्थनगरी में श्रद्धालुओं की संख्या में हो रही वृद्धि को देखते हुए होम स्टे का व्यापार भी फल फूल रहा है। होम स्टे के कमरों की बुकिंग सड़क किनारे हाथ में तख्तियां लिए खड़े युवक करवा रहे हैं। जो श्रद्धालुओं को कमरे तक पहुंचाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं।
लेकिन, होम स्टे में श्रद्धालु-पर्यटकों को सुविधा का बड़ा अभाव देखने को मिल रहा है। होम स्टे के कई कमरों में गंदगी, बिजली गुल होने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में दिनभर मंदिरों के दर्शन कर थके हारे श्रद्धालुओं को बिजली गुल होने पर रात जाग कर काटनी पड़ रही है।

