बरेली से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां जिलाधिकारी का एक पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पत्र में अधिकारी ने पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तार से स्पष्टीकरण दिया है और सार्वजनिक रूप से क्षमा भी व्यक्त की है।
खास बात यह है कि इस मामले में उनकी कोई स्पष्ट व्यक्तिगत गलती सामने नहीं आई थी, इसके बावजूद उन्होंने जिम्मेदारी लेते हुए विनम्रता का परिचय दिया। उनके इस कदम को प्रशासनिक संवेदनशीलता और उच्च नैतिकता का उदाहरण माना जा रहा है।
लोगों का कहना है कि आज के दौर में जहां अक्सर अधिकारी जवाबदेही से बचते नजर आते हैं, वहीं बरेली के डीएम ने पारदर्शिता और जनता के प्रति सम्मान दिखाते हुए एक सकारात्मक संदेश दिया है।
सोशल मीडिया पर भी इस पत्र को लेकर काफी सराहना हो रही है। यूजर्स इसे एक ऐसे अफसर की पहचान बता रहे हैं, जो न सिर्फ अपने पद की जिम्मेदारियों को निभाता है, बल्कि मानवीय मूल्यों को भी प्राथमिकता देता है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सच्ची महानता पद या अधिकार में नहीं, बल्कि व्यवहार और विनम्रता में होती है।
बरेली डीएम की मिसाल: बिना गलती भी मांगी माफी, दिखाई विनम्रता
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