सम्भल (बहजोई), 13 जुलाई 2026
आज कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बाल श्रम उन्मूलन जनपद स्तरीय समिति तथा बन्धुआ श्रम प्रथा (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय बंधुआ श्रम सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सहायक श्रम आयुक्त ने विभिन्न एजेंडा बिंदुओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। इस दौरान भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 1996, संबंधित नियमावली, उपकर अधिनियम, 1996 तथा औद्योगिक संबंधों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सहायक श्रम आयुक्त ने औद्योगिक प्रतिष्ठान कारखाना अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत हैं तथा नए प्रतिष्ठानों के पंजीकरण के विषय में जानकारी प्रदान की।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उद्यान, उद्योग, कृषि सहित सभी संबंधित विभाग कोल्ड स्टोरेज, औद्योगिक इकाइयों, एफपीओ, प्रोसेसिंग यूनिट आदि में कार्यरत श्रमिकों का सत्यापन कर उनका पंजीकरण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि श्रमिक पंजीकरण की संख्या में निरंतर वृद्धि होनी चाहिए।
बैठक में औद्योगिक विवादों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विचाराधीन वादों को समीक्षा पुस्तिका में अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए।
सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि श्रम कानूनों से संबंधित 19 अधिनियमों का समावेश 4 श्रम संहिताओं में किया जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राइस मिल, मैंथा उद्योग सहित विभिन्न औद्योगिक क्लस्टरों एवं सेक्टरों में श्रम कानूनों के संबंध में जागरूकता बढ़ाने हेतु नियमित सेमिनार आयोजित किए जाएं।
बैठक में यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) से संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee-ICC) के गठन की समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही अधिष्ठानों के पंजीकरण, नियोजकों एवं संविदाकारों द्वारा श्रमिकों के पंजीकरण तथा संबंधित प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के निर्देश भी दिए गए।
मनरेगा श्रमिकों के पंजीकरण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर अधिकाधिक पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा श्रमिकों के साथ-साथ लाइनमैन, ईंट-भट्टों एवं अन्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का भी पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।
बैठक में मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना, संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना, ई-श्रम कार्ड, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, राष्ट्रीय पेंशन योजना (ट्रेडर्स), निरीक्षणों की संख्या तथा अभियोजन की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक विकास खंड स्तर पर श्रम विभाग की योजनाओं के संबंध में बैठकें आयोजित करने तथा विभाग की प्रमुख योजनाओं से संबंधित फ्लैक्सी जिला मुख्यालय, तहसील एवं विकास खंड स्तर पर लगाए जाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध हो सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सौरभ कुमार पाण्डेय, डिप्टी कलेक्टर अवधेश कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग राजीव कुमार, सहायक श्रम आयुक्त राम लखन पटेल, श्रम प्रवर्तन अधिकारी मोहम्मद आजम, हरद्वारी लाल गौतम, संगीता भार्गव, ललित कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
श्रमिक पंजीकरण और बाल श्रम उन्मूलन पर डीएम ने दिए निर्देश
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