बर्खास्त सिपाही सुनील शुक्ला ने एक इंटरव्यू में कई गंभीर दावे किए हैं। उनका कहना है कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना और विशेषाधिकारों का दुरुपयोग कर नौकरी से हटाया गया, क्योंकि उन्होंने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई।
सुनील शुक्ला का दावा है कि उनके पास भ्रष्टाचार से जुड़े साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें वे उच्च न्यायालय के समक्ष पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि वे किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लेना चाहते, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सच सामने लाने और अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि नौकरी जाने के बाद परिवार का पालन-पोषण करना कठिन हो गया है। इसके बावजूद समाज से मिल रहे समर्थन और न्यायपालिका पर भरोसे के कारण उनका हौसला बना हुआ है।
फिलहाल, ये दावे सुनील शुक्ला के हैं। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया और न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष आना बाकी है। यदि उनके पास साक्ष्य हैं, तो उनकी जांच कानून के अनुसार सक्षम प्राधिकरण या न्यायालय द्वारा की जाएगी।

