उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बीए की छात्रा ललिता गौतम की हत्या का मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है. दलित बेटी की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये प्रदर्शन के दौरान एसएसपी मेरठ ने आरोपियों पर कार्रवाई करने की जगह न्याय की मांग कर रहे लोगों को ही पीटना शुरू कर दिया है. एसएसपी मेरठ अविनाश पांडे ने बंदी वाहन के अंदर प्रदर्शन कर रहे लोगों को जमकर पीटा. अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
इस पुलिसिया कार्यवाही पर आर.के. विज छत्तीसगढ़ कैडर के 1988 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी ने भी एसएसपी अविनाश पांडे इस बलपूर्वक कारवाही की जमकर आलोचना की है, उन्होंने कहा है कि गुस्से में आकर हाथ-पांव चलाना नेतृत्व की कमज़ोरी है, हिम्मत या बड़प्पन नहीं।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी वीडियो ट्वीट कर कार्रवाई पर सवाल उठाया है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि भाजपा राज में पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही है. मेरठ में दलित समाज की बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की आवाज़ उठाने पर प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार सहित अन्य लोगों पर किया प्रहार और लाठी चार्ज बेहद निंदनीय है. जब प्रदेश-प्रमुख ही सरेआम एक मृतक की मां के साथ असंवेदनशील होने का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे तो उनकी पुलिस से कोई उम्मीद करना बेमानी है. घोर निंदनीय!
मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर कमिश्नरी चौराहे पर उस समय हंगामा हो गया. जब न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बल प्रयोग कर वहां से हटा दिया. इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले जाया गया. ललिता गौतम हत्याकांड में कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी कमिश्नरी चौराहे पर धरना दे रहे थे. पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया. लेकिन प्रदर्शनकारियों के नहीं मानने हलके बल का प्रयोग कर धरना समाप्त कराया गया. इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले जाया गया.

