उत्तर प्रदेश में ग्रामीण युवाओं को उद्योग धंधों से जोड़ने की योजना पर काम शुरू किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से इस दिशा में प्रयास तेज हुआ है। इस क्रम में सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास करती दिख रही है। इसको लेकर मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लखनऊ जिले में बेरोजगार युवाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ब्याज सहायता युक्त ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित कर रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकें।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी एके गौतम ने बताया कि लखनऊ के लिए इस वर्ष 12 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत सामान्य वर्ग के पुरुष लाभार्थियों को बैंक ऋण पर केवल 4 प्रतिशत ब्याज स्वयं वहन करना होगा। शेष ब्याज का भार सरकार अनुदान के रूप में वहन करेगी। वहीं, अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला, भूतपूर्व सैनिक एवं दिव्यांग श्रेणी के लाभार्थियों को टर्म लोन पर पूरा ब्याज सरकार की ओर से वहन किया जाएगा।

