ढाका/नई दिल्ली : बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शनिवार को कहा कि हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
मैमेनसिंह शहर में गुरुवार को कथित ईशनिंदा को लेकर भीड़ ने दीपू चंद्र दास (25) की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और शव को आग के हवाले कर दिया था. मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने ‘एक्स’ पर लिखा कि रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने मामले में संदिग्ध के तौर पर सात लोगों को गिरफ्तार किया है.
सरकार ने कहा कि विभिन्न स्थानों पर अभियानों के दौरान गिरफ्तारियां की गईं और गिरफ्तार लोगों की उम्र 19 से 46 साल के बीच है. पुलिस के अनुसार, भीड़ ने ईशनिंदा के आरोपों में फैक्टरी में मजदूरी करने वाले दास को पहले फैक्टरी के बाहर पीटा और फिर पेड़ से टांग दिया.
पुलिस ने कहा कि इसके बाद भीड़ ने मृतक के शव को ढाका-मैमेनसिंह राजमार्ग के किनारे छोड़कर आग के हवाले कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद किया और पोस्टमॉर्टम के लिए मैमेनसिंह मेडिकल कॉलेज के शवगृह में भेज दिया.
अंतरिम सरकार ने शुक्रवार को इस हत्या की निंदा की और कहा कि ‘‘नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है.’’ सरकार ने कहा, ‘‘इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.” बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पिछले साल अगस्त में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हुईं सिलसिलेवार घटनाओं से प्रभावित हुआ है.
सेना, असम राइफल्स और बीएसएफ के शीर्ष अधिकारियों ने बैठक की
पड़ोसी देश बांग्लादेश में बढ़ते तनाव के बीच, भारतीय सेना, असम राइफल्स और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों ने त्रिपुरा के दक्षिणी जिले के बेलोनिया उपमंडल में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा कर मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की.
भारतीय सेना की पूर्वी कमान के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के मुताबिक, पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बेलोनिया में एक सीमा चौकी का दौरा किया ताकि संवेदनशील इलाके में जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया जा सके.
इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी ने फ्रंट लाइन पर तैनात सैनिकों से बातचीत की और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए उनकी तैयारियों की समीक्षा की. उन्होंने भारतीय सेना, असम राइफल्स और बीएसएफ के जवानों की दक्षता, सतर्कता और उच्च स्तरीय परिचालन तत्परता की भी सराहना की.
बांग्लादेश में हाल के घटनाक्रमों और नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के नेता हसनत अब्दुल्ला के कथित बयानों के मद्देनजर इस यात्रा का महत्व और भी बढ़ गया है. हसनत अब्दुल्ला ने कथित तौर पर भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र को अलग-थलग करने और बांग्लादेश को अस्थिर करने का प्रयास करने वाले अलगाववादी समूहों को शरण देने की चेतावनी दी थी.
त्रिपुरा बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा बिना बाड़े के है. इससे ये क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से और रणनैतिक रूप से काफी संवेदनशील है.

