बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद के जरीफनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव रसूलपुर कलां में उस समय हड़कंप मच गया, जब गैंगस्टर एक्ट के एक वांछित अभियुक्त की संदिग्ध परिस्थितियों में विषाक्त पदार्थ (जहर) खाने से मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए भारी हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख उपजिलाधिकारी (SDM) और क्षेत्राधिकारी (CO) सहसवान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराया।
परिजनों का आरोप: “पिता नहीं मिले तो निर्दोष बेटे को जेल भेजा, प्रताड़ना से टूट गए थे करू”
मृतक करू के परिजनों का आरोप है कि पुलिस कुछ दिन पहले गैंगस्टर मामले में वांछित करू की तलाश में दबिश देने आई थी। जब करू घर पर नहीं मिले, तो पुलिस उनके बेटे संजय को उठा ले गई। परिजनों का दावा है कि संजय पर पहले से कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं था, इसके बावजूद पुलिस ने उसके पास से फर्जी तमंचा बरामद दिखाकर उसका चालान कर दिया।
परिजनों का गंभीर आरोप: “पुलिस ने करू के दामाद (बहनोई) को भी हिरासत में ले लिया था और ₹50,000 की रिश्वत लेकर उसे छोड़ा। इस पूरी मानसिक प्रताड़ना और पुलिसिया उत्पीड़न से तंग आकर ही करू ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।”
पुलिस का पक्ष: “पारिवारिक कलह के कारण की खुदकुशी, आरोप पूरी तरह निराधार”
दूसरी ओर, जरीफनगर के प्रभारी निरीक्षक (SO) सुमित शर्मा ने पुलिस पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि करू शातिर किस्म का अपराधी था, जो पहले गौकशी के मामले में जेल जा चुका था और उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई चल रही थी।
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, युवक की मौत पुलिस उत्पीड़न से नहीं, बल्कि उसके घर में चल रहे आपसी पारिवारिक कलह के कारण विषाक्त पदार्थ खाने से हुई है। पुलिस खुद को पाक-साफ बताते हुए आरोपों को मनगढ़ंत करार दे रही है।
ग्रामीणों का प्रदर्शन और प्रशासनिक हस्तक्षेप
करू की मौत की खबर फैलते ही रसूलपुर कलां गांव के ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े थे।
मामले की संवेदनशीलता और तनाव को देखते हुए एसडीएम और सीओ सहसवान तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी।
मामले के मुख्य बिंदु (एक नजर में)
विवरण तथ्य/आरोप
घटनास्थल गांव रसूलपुर कलां, थाना जरीफनगर, बदायूं
मृतक करू (गैंगस्टर एक्ट का वांछित अभियुक्त)
परिजनों का दावा पुलिस प्रताड़ना, निर्दोष बेटे पर फर्जी केस और ₹50,000 की उगाही के कारण आत्महत्या।
पुलिस का दावा आरोपी गौकशी और गैंगस्टर का वांछित था, मौत की वजह पारिवारिक कलह है।
वर्तमान स्थिति प्रशासनिक आश्वासन के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात।
फिलहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उच्च अधिकारियों की जांच के बाद ही मौत की असली वजह और पुलिस पर लगे आरोपों की सच्चाई सामने आ सकेगी।

