—-गंदे किचन, चूहे-कॉकरोच पर जीरो टॉलरेंस, दोबारा गलती पर स्थायी बंदी
—-15 जनवरी तक हर दुकान में सीसीटीवी अनिवार्य, बैकअप नहीं तो कार्रवाई तय
शाहजहाँपुर। खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक नैतिकता और उपभोक्ता स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि कैफे, रेस्टोरेंट और ढाबों में बंद केबिन, अलग कमरे या पर्दे पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों को बिना किसी रियायत के सीज किया जाएगा। यह निर्देश शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता समिति की त्रैमासिक बैठक में दिए गए। बैठक में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई और बेकरी प्रतिष्ठानों के किचन में यदि कॉकरोच, चूहे या अस्वच्छता पाई गई तो तत्काल सीज की कार्रवाई होगी। पुनरावृत्ति की स्थिति में ऐसे प्रतिष्ठानों को स्थायी रूप से बंद किया जाएगा। उन्होंने नियमित, गहन और आकस्मिक निरीक्षण बढ़ाने तथा निरीक्षण के दौरान फोटोग्राफ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जो दुकानदार ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ बताकर बिक्री कर रहे हैं, उनकी अनिवार्य सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही मसालों की खुली बिक्री पर प्रतिबंध के मद्देनजर व्यापारियों को जागरूक करने और विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया। मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए जाने वाले नमूनों पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा बॉडीवॉर्न कैमरों के नियमित उपयोग में लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। निर्देश दिए गए कि हर निरीक्षण में बॉडीवॉर्न कैमरा अनिवार्य रूप से उपयोग में लाया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि व्यापारियों का वर्गीकरण टर्नओवर के आधार पर किया जाए। जरूरत पड़ने पर तहसील स्तर पर कैंप लगाकर लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि किसी का शोषण न हो। दवा दुकानों पर भी कसा शिकंजा, नारकोटिक पर विशेष निगरानी औषधि निरीक्षक को ऑनलाइन लाइसेंस प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही निरीक्षण के दौरान बॉडीवॉर्न कैमरे के अनिवार्य उपयोग और फोटोग्राफ प्रस्तुत करने को कहा गया। नारकोटिक औषधियों की जांच तेज करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि 15 जनवरी तक सभी दवा दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना और कम से कम 15 दिन का बैकअप रखना अनिवार्य होगा। अवैध नारकोटिक कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले व्यापारियों और उनके परिजनों पर सघन कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इस सख्त तेवर से साफ है कि अब खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और कानून व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

