मायावती के भतीजे बोले- भाजपा 110 रुपए में गन्ने का रस बेच रही, अखिलेश, राहुल को ‘अंकल’ कहकर बुलाया, आकाश की 2 साल बाद चुनावी रैली!
बसपा सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने सोमवार को हाथरस में 2 साल बाद चुनावी रैली को संबोधित किया। आकाश ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। कहा- एथेनॉल पेट्रोल के नाम पर 110 रुपए में गन्ने का रस बेच रहे हैं। दूसरों के काम पर अपना झंडा लगाना इनकी आदत है। काम किसी और का, फीता ये लोग काटते हैं। ये हाल तब है, जब डबल इंजन की सरकार है।
उन्होंने कहा- देश में सबसे बेकार एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे इसके उदाहरण हैं। दूसरी तरफ नोएडा और आगरा का एक्सप्रेसवे देख लें। इतने साल बाद भी एक भी गड्ढा नहीं है। उसी से होकर दिल्ली आते हैं। मायावती जी के शासन में यह बना था।
अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर निशाना साधा। दोनों को अंकल कहकर बुलाया। कहा- मैं 30 साल का हूं और अखिलेश जी 50 साल के हैं। मैं 50 साल के वृद्ध को अंकल नहीं कहूंगा तो और क्या कहूंगा। उनकी पीडीए का मतलब कभी कुछ तो कभी कुछ और हो जाता है। बहन जी ने कहा था कि जैसे गिरगिट रंग बदलता है, वैसे सपा के पीडीए का मतलब भी बदलता रहता है।
आकाश ने कहा- राहुल अंकल एक किताब लेकर घूमते हैं। वे संविधान की बात करते हैं। अगर वह किताब पलट दी जाए तो पता चलेगा कि उसके पन्ने खाली हैं। वे संसद में संविधान की बात करते हैं, लेकिन जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां वही काम कर रहे हैं, जो भाजपा यूपी में कर रही है।
आकाश आनंद ने हाथरस की सादाबाद सीट से डॉ. अविन शर्मा को बसपा प्रत्याशी घोषित किया।
• 2007 में 206 विधानसभा सीटें जीतने वाली बसपा को 2022 के विधानसभा चुनाव में सिर्फ एक सीट मिली थी। 5 दिन पहले इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया। ऐसे में अब बसपा का विधानसभा में कोई विधायक नहीं है। 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के 15.2 करोड़ वोटर्स में से 12.9% ने बसपा को वोट दिया था। पार्टी को कुल 1 करोड़ 18 लाख 73 हजार 137 वोट मिले थे।
• लोकसभा चुनाव की बात करें तो 2024 में बसपा एक भी सीट नहीं जीत पाई। उसका वोट प्रतिशत 2019 के 19.43% से घटकर 9.35% रह गया। यह विधानसभा चुनाव के वोट प्रतिशत से भी करीब 3% कम था। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने 10 सीटें जीती थीं।
2 साल बाद चुनावी मैदान में आकाश आनंद
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