जब सत्ता के सामने सब खामोश थे, तब एक मां अपने बच्चों की ढाल बनकर खड़ी रही !🙏🙏
डिंपल यादव जी ने यह संदेश दिया कि संवेदनशील नेतृत्व वही है, जो संकट की घड़ी में अपने लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहे।
संघर्ष, साहस और जनसेवा की यही पहचान उन्हें लाखों लोगों के बीच सम्मान दिलाती है।
जब सब खामोश थे, एक मां डटी रही
Leave a Comment

