शाहजहांपुर। विधानसभा चुनाव भले अभी कुछ समय दूर हों, लेकिन जिले की राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। विभिन्न दल अपने-अपने स्तर पर संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच पहुंच बढ़ाने में जुट गए हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी से संभावित दावेदार के रूप में चर्चित कुंवर जयेश प्रसाद की बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।पिछले कुछ समय से कुंवर जयेश प्रसाद लगातार सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में भागीदारी कर रहे हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित भंडारों में उनकी मौजूदगी, लोगों के साथ बैठकर प्रसाद वितरण करना और विभिन्न वर्गों के बीच संवाद स्थापित करना चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में बकरीद के अवसर पर भी उन्होंने ईदगाह पहुंचकर मुस्लिम समाज के लोगों को शुभकामनाएं दीं। इसके बाद विभिन्न मोहल्लों और घरों में जाकर ईद की बधाई देने तथा लोगों से संवाद करने को राजनीतिक जानकार आगामी चुनावों की तैयारी के रूप में देख रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता से बाहर रहते हुए भी सभी वर्गों और समुदायों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखना आसान नहीं होता, लेकिन कुंवर जयेश प्रसाद इस दिशा में लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। उनकी रणनीति सामाजिक समरसता और व्यापक जनसंपर्क पर केंद्रित नजर आ रही है। इधर उनके पुत्र जाग्रत प्रसाद भी युवाओं और स्थानीय नागरिकों के बीच अपनी पहचान बनाने में जुटे हुए हैं। विभिन्न कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी को आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार पार्टी स्तर पर भी चुनावी तैयारियों को लेकर संकेत मिलने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि विभिन्न समाजों और वर्गों को साथ लेकर चलने तथा एकजुटता का संदेश देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। फिलहाल चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन कुंवर जयेश प्रसाद की बढ़ती सक्रियता ने इतना जरूर संकेत दे दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में शाहजहांपुर का मुकाबला पहले से अधिक दिलचस्प हो सकता है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जिले की चुनावी बिसात पर नई रणनीतियां आकार लेने लगी हैं।

