हरदोई में डीएम अनुनय झा के द्वारा बीएसए ऑफिस के औचक निरीक्षण के बाद निलंबित किए गए कनिष्क लिपिक पवन कश्यप ने बीएसए ऑफिस की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए है, अपने निलंबन के बाद पत्र जारी कर कनिष्क लिपिक पवन कश्यप ने बताया कि बीएसए ऑफिस के लिपिकों के द्वारा निरीक्षण के दौरान डीएम अनुनय झा को गुमराह कर उन पर निलंबन की कार्यवाही कराई गई है जोकि सरासर गलत है, वह पिछले तीन महीने से बीएसए ऑफिस में काम ही नहीं कर रहे है और जिस पटल पर वह पूर्व में कार्य कर रहे थे उसका चार्ज वह दूसरे लिपिक को दे चुके हैं तो उसके बाद पटल बदले जाने पर वह किसी बाबू को चार्ज कैसे दे सकते हैं,
लिपिक पवन कश्यप ने बताया कि डीएम के निरीक्षण के दौरान जिस लिपिक ने दूसरे लिपिक को चार्ज नहीं दिया कार्यवाही उस पर होनी चाहिए थी लेकिन बीएसए ऑफिस में कार्यरत अन्य लिपिकों ने साजिश रचकर उन्हें निलम्बित करा दिया।
कनिष्क लिपिक पवन कश्यप ने डीएम अनुनय झा से मुलाकात कर अपनी पीड़ा बताई और न्याय की गुहार लगाई है।
बताते चलें कि निलंबित किए गए कनिष्क लिपिक पवन कश्यप ने डीएम को बताया है कि वह लीवर कैंसर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे है और उनका लखनऊ पीजीआई से इलाज भी चल रहा है। पवन कश्यप ने बताया है कि हर महीने उनकी कीमोथेरेपी होती है और गलत तरीके से निलंबित किये जाने के कारण उनका इलाज भी ठीक से नहीं हो पाएगा इसलिए उनके खिलाफ गलत तरीके से की गई निलंबन की कार्यवाही को निरस्त किया जाए।
अब आगे देखना होगा कि डीएम अनुनय झा उन्हें गुमराह करने वाले जिम्मेदारों पर क्या एक्शन लेते है और कैसे कनिष्क लिपिक पवन कश्यप को न्याय देते हैं…
निलंबित लिपिक ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार
Leave a Comment

