गोरखपुर में 9 विधानसभा हैं। सभी पर भाजपा के विधायक काबिज हैं। सपा और कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया को भाजपा की साजिश बताया है।विशेष गहन पुनिरीक्षण प्रक्रिया (SIR) के तहत गोरखपुर की 9 विधानसभा सीटों से लगभग 6 लाख 45 हजार वोटरों के नाम कट चुके हैं। यह एक बड़ा आंकड़ा है। अब देखने वाली बात होगी कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में इन कटे वोटों का प्रत्याशियों पर क्या प्रभाव पड़ता है। इसको लेकर भावी प्रत्याशियों के माथे पर पसीना आ गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसका सीधा असर सत्तासीन पार्टी भाजपा पर दिखाई दे रहा है। सभी 9 विधानसभा सीटों पर भाजपा के ही विधायक काबिज हैं। इन विधानसभा सीटों में सबसे प्रमुख सीट गोरखपुर सदर की है, जहां से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं विधायक हैं। हालांकि उनकी सीट पर इसका कोई असर दिखाई नहीं पड़ता, लेकिन बाकी आठ सीटों पर सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों की किस्मत पर बट्टा जरूर लग सकता है।

