नेपाल की राजनीति में एक नया इतिहास बना है। धनुषा जिले से सांसद रूबी ठाकुर को संसद की प्रतिनिधि सभा का डिप्टी स्पीकर चुना गया है। महज 25 साल की उम्र में इस पद तक पहुंचकर उन्होंने युवाओं और महिलाओं के लिए बड़ी मिसाल पेश की है।
रूबी ठाकुर को चुनाव में कुल 229 वोट मिले। उन्हें अपनी पार्टी के साथ-साथ सत्तारूढ़ और प्रमुख विपक्षी दलों का भी समर्थन मिला, जिससे उनकी जीत और मजबूत हो गई।
उनका सफर संघर्षों से भरा रहा है। साधारण परिवार से आने वाली रूबी के पिता सऊदी अरब में मजदूरी करते हैं, जबकि मां खेतों में काम करती हैं। आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और खुद की पहचान बनाई।
दसवीं के बाद उन्होंने पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा किया और एक कंसल्टेंसी फर्म में काम भी किया, जहां से मिली कमाई से उन्होंने परिवार की मदद की।
राजनीति में उनकी एंट्री सोशल मीडिया के जरिए हुई, जिसके बाद वह सक्रिय रूप से जनसरोकार के मुद्दों से जुड़ीं। अब वह संसद में सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, दहेज और बाल विवाह जैसे मुद्दों को उठाने की बात कह रही हैं।
सबसे कम उम्र की सांसदों में शामिल रूबी ठाकुर फिलहाल सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी कर रही हैं और अपने पद के जरिए सामाजिक बदलाव लाने का लक्ष्य रखती हैं।

