बरेली। सीबीगंज थाना क्षेत्र में बड़े बाईपास (लखनऊ-बरेली हाईवे) पर रविवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। हाईवे पर खड़े टैंकर से टकराई बोलेरो कार में सवार लोग कोई आम यात्री नहीं, बल्कि अपहरणकर्ता निकले। हादसे में तीन बदमाशों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है। कार से दो मासूम बच्चे भी घायल अवस्था में बरामद हुए, जिनका इलाज चल रहा है।
गुरुग्राम से किया था पिता सहित दो पुत्रों अपहरण
पुलिस जांच में सामने आया कि कार सवार बदमाशों ने अपने एक साथी के साथ मिलकर हरियाणा के गुरुग्राम से ऑटो चालक मनोज के दो बच्चों—6 वर्षीय मयूर और 3 वर्षीय लक्ष्य—का अपहरण किया था। दोनों बच्चे शनिवार शाम से लापता थे। मनोज की पत्नी पूजा ने डीएलएफ फेज-1 थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कई को फोन पर दी थी धमकी
पूजा के मुताबिक, पति को कई बार कॉल करने के बाद एक कॉल रिसीव हुई, जिसमें बदमाशों ने धमकी दी कि पुलिस को सूचना दी तो सभी को मार देंगे। कुछ देर के लिए मनोज और बच्चों से बात भी कराई गई, जिसमें वे डरे हुए थे।
हादसे के बाद मिला सुराग खुला राज
रविवार देर रात बरेली पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस से संपर्क कर बताया कि हादसे में एक बोलेरो कार से दो बच्चे बेहोशी की हालत में मिले हैं। फोटो भेजने पर पूजा ने दोनों को अपने बच्चों के रूप में पहचान लिया।
पुलिस ने जांच में किए खुलासा
एसपी सिटी मानुष पारीक के नेतृत्व में जांच के दौरान पता चला कि हादसे में मारा गया एक बदमाश मनमोहन फरीदपुर के टांडा सिकंदरपुर गांव का निवासी था। अन्य बदमाशों की पहचान रामपुर निवासी विशेष यादव, प्रिंस और पीलीभीत निवासी सिकंदर के रूप में हुई है। इनमें से प्रिंस ही जिंदा बचा है।पुलिस का मानना है कि मनोज से रंगदारी या फिरौती वसूलने के लिए उसे और उसके बच्चों को अगवा किया गया था। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने मनोज को भी बरामद कर लिया है।
कई लोगों से पूछताछ जारी
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किए जाने की बात कही जा रही है।

