पाइल्स सर्जरी के बाद आराम के लिए मेडिकल लीव न मिलने से निराश अनुसूचित जनजाति के एक लोको पायलट ने लखनऊ रेल डिवीजन में एक सीनियर अधिकारी के सामने अपना सच साबित करने के लिए कपड़े उतार दिए।
आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (एआइएलआरएसए) के नेताओं ने दावा किया कि अनुसूचित जनजाति के लोको पायलट राजेश मीणा के इस हताशा भरे कदम के बाद भी चीफ क्रू कंट्रोलर (सीसीसी) रतन कुमार राजी नहीं हुए।
उन्होंने मीणा को आराम के लिए छुट्टी देने से इनकार कर दिया। मीणा ने अपने समुदाय के एक यूनियन लीडर के माध्यम से डिवीजन के सीनियर अधिकारियों से बात की, जिसके बाद उसे आराम के लिए छुट्टी दे दी गई।
साथियों द्वारा रिकार्ड की गई इस घटना का एक वीडियो मंगलवार को इंटरनेट मीडिया पर खूब प्रसारित किया जा रहा है।

