पार्टी अखिलेश यादव के सामने मतभेद उजागर
बोले अखिलेश पार्टी स्तर पर होगी कार्यवाही
मुरादाबाद। पिछले लंबे समय से ज़िले भर मे चल रही सपा नेताओं की गुटबाज़ी अब पार्टी हाईकमान के सामने उजागर हो गई है,जिसके बाद अखिलेश यादव ने अपनी मौजूदगी मे बहस कर रहे मुरादाबाद सांसद व कांठ विधायक कमाल अख़्तर को शांत कराते हुए कहा कि मैने सारी बात समझ ली है प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसपर कार्यवाही की जाएगी।
गुरुवार को लखनऊ मे आयोजित बैठक में राज्यसभा सदस्य जावेद अली, पूर्व नगर विधायक यूसुफ अंसारी, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव और सांसद प्रतिनिधि खुशनूद अली भी मौजूद रहे। सांसद रुचि वीरा ने आरोप लगाया कि संगठन के कुछ नेता उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई कार्यक्रमों में न तो उनकी तस्वीर लगाई जाती है और न-ही उन्हें आमंत्रित किया जाता है। उन्होंने कहा कि महानगर अध्यक्ष इकबाल अंसारी किसी भी मौके पर मेरी फोटो तक नहीं लगाते हैं। हाल ही में हुए मुरादाबाद देहात विधानसभा क्षेत्र में पीडीए सम्मेलन में उन्हें बुलाया तक नहीं गया है। इससे भाजपा के नेताओं को सपा के खिलाफ बोलने का मौका मिल गया। सपा मुखिया से बात चल ही रही थी कि इस बीच सांसद प्रतिनिधि खुशनूद अली ने कमाल अख़्तर पर पार्टी में गुटबाजी फैलाने का आरोप लगा दिया। इस पर कमाल अख्तर भी चुप नहीं रहे। कहा कि आप न बोलें। आप तो बिजनौर के रहने वाले हैं। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि आप भी अमरोहा से यहां आकर विधायक बने हैं। सांसद भी इस बीच पर बोल पड़ीं। उन्होंने कहां कि खुशनूद मेरे परिवार के सदस्य हैं। इनके बारे में कुछ गलत बात न कहें। इसी मुद्दे को लेकर सांसद और कमाल अख्तर में सपा मुखिया के सामने ही बहस होने लगी। कमाल अख्तर ने सांसद से कहा कि मतदान के बाद से मेरी आप से बात ही नहीं हुई है। आरोप सभी मेरे पर लगा रही हैं। यह ठीक नहीं है। चलो मैं बुरा हूं तो बाकी विधायकों से आपके संबंध अच्छे क्यों नहीं हैं? जहां तक पीडीए सम्मेलन में बुलाए जाने की बात है मैं मुरादाबाद देहात में, एसआइआर का प्रभारी रहा हूं। इसलिए महानगर इकाई ने बुलाया था। कोई नेता आपके फोटो नही लगा रहा, इसमें मैं क्या कर सकता हूं? राज्यसभा सदस्य जावेद अली ने कहा कि मुझे मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था। दोनों नेताओं के बाहर से आकर चुने जाने की बात पर सपा मुखिया हंसने लगे। सांसद व विधायक को समझाने के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि मैंने सारी बात समझ ली है। उन्होंने सपा जिलाध्यक्ष से भी कई सवाल किए। यह भी जानकारी ली कि पीडीए सम्मेलन के लिए लखनऊ से इजाजत ली गई थी या नहीं? कोई नेता इस संबंध में जवाब नहीं दे सका। इस पर सपा मुखिया ने कहा कि मैंने सारी बात समझ ली है। पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। कार्रवाई सभी नेताओं को दिखाई भी देगी। ऐसे में संगठन के नेताओं पर भी कार्रवाई हो सकती है। मिशन-2027 की तैयारियों के बीच मुरादाबाद की यह गुटबाजी अब सपा नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और संगठनात्मक फैसले तय करेंगे कि पार्टी इस विवाद को कैसे समाप्त करती है।
सांसद रुचि वीरा किसी गलत फहमी के चलते नाराज़ थी,राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी की मौजूदगी मे हमने अपनी बात रखी है,अखिलेश जी से 2027 की तैयारी का निर्देश प्राप्त हुआ है,जिसे हमारे द्वारा पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा।
( कमाल अख़्तर विधायक कांठ )
राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी ने गुरुवार को हमें लखनऊ बुलाया था,हमारी जो शिकायतें थीं उन्हें अखिलेश जी ने गंभीरता से सुना है,और हमे भरोसा दिलाया है कि जांच मे जो भी दोषी पाया जाएगा उसपर पार्टी की तरफ़ से कार्यवाही की जाएगी।
( रुचि वीरा मुरादाबाद सांसद )

