चन्दौसी। कोतवाली क्षेत्र के गांव मौलागढ़ में गुरुवार को उस समय उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) से इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त होकर हरस्वरूप पाल अपने पैतृक गांव पहुंचे। उनके आगमन पर ग्रामीणों ने गर्मजोशी के साथ स्वागत करते हुए पूरे गांव में खुशी का माहौल बना दिया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया और फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। गांव के बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में इस अवसर के साक्षी बने और उन्होंने हरस्वरूप पाल के प्रति गर्व व्यक्त किया। कार्यक्रम को और विशेष बनाते हुए प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री गुलाब देवी भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने हरस्वरूप पाल को सम्मानित करते हुए उनके सेवा काल की सराहना की और कहा कि ऐसे कर्मठ व अनुशासित अधिकारी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं। हरस्वरूप पाल ने वर्ष 1988 में सीआरपीएफ में सिपाही के रूप में अपनी सेवा यात्रा शुरू की थी। लंबे समय तक उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवाएं दीं। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में लगभग दस वर्षों तक तैनाती के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा छत्तीसगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में भी उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा के साथ जिम्मेदारियां निभाईं। सीआरपीएफ, जो देश का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है, आंतरिक सुरक्षा, नक्सल विरोधी अभियान और चुनावी ड्यूटी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता है। ऐसे बल में दशकों तक सेवा देना अपने आप में गौरव की बात है। गांव लौटने पर हरस्वरूप पाल का सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उनके समर्पण और देशसेवा के प्रति सम्मान का प्रतीक बन गया। ग्रामीणों ने उनके उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना की।

