उत्तर प्रदेश की राजनीति में राम मंदिर अयोध्या और दान चोरी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के हिंदुत्व एजेंडे को धराशायी करने के लिए राम मंदिर के मुद्दे को विपक्ष लगातार गरमाता दिख रहा है। संसद भवन के बाहर पप्पू यादव के साधु-संत का वेश धरकर चंदा चोरी का ड्रामा पेश करने के बाद अब समाजवादी पार्टी कार्यालय में अलग नजारा दिखा। यहां नाटकों में भगवान राम और हनुमान का चरित्र निभाने कलाकारों को बुलाया गया। विधायक-नेताओं ने उनके सामने पैसे रखे। इसके बाद अखिलेश यादव ने इसे ‘दान’ नहीं, ‘भेंट’ बताकर राम मंदिर दान चोरी मुद्दे पर संकेतों में जोरदार निशाना साधा।
समाजवादी पार्टी के लखनऊ कार्यालय में रविवार को यूपी विधानसभा के मानसून सत्र शुरू होने से पहले पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर कई मु्द्दों पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर स्कूलों को बंद किए जाने से लेकर महिलाओं-लड़कियों के खिलाफ अपराध के मुद्दों पर सरकार को घेरा। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर चंदा चोरी मामले का भी जिक्र किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रामलीला में भगवान राम और हनुमान का किरदार निभाने वाले कलाकारों को सामने लाया। दोनों कलाकार कैरेक्टर में दिख रहे थे।

