दिल्ली में अनशन के बाद अब पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगुचक लद्दाख में अपने गांव पहुंच चुके हैं। उन्होंने अपने गांव से सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया है। सोनम ने अपने गांव में सिंधु नदी के किनारे उगते सूरज के बीच सोनम वांगचुक ने देशवासियों और सरकार के नाम एक बड़ा मैसेज दिया।
अनशन खत्म करने के बाद अपने पहले वीडियो में उन्होंने सरकार को उसके लिखित वादे याद दिलाए। अनशन तोड़ते समय प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब सरकार अपने लिखित वादे पूरे करे।
आंदोलन में शामिल बेगुनाह प्रदर्शनकारियों पर किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न की जाए। इसके साथ ही जिन छात्रों ने मानसिक दबाव में आकर सुसाइड किया, उनके परिवारों को तुरंत उचित मुआवजा मिले। सोनम ने कहा कि जो चीजें समय पर पूरी होती हैं, वही समाज में विश्वास पैदा करती हैं। वादे पूरे करने का यही सही वक्त है।
अपनी कश्मीर यात्रा के दौरान भारतीय रेल की सराहना करने पर हुई आलोचना का करारा जवाब देते हुए उन्होंने लोगों की सोच पर सवाल उठाया। सोनम वांगचुक ने कहा कि कल जब मैंने भारतीय रेल की तारीफ की, तो कुछ लोग इसलिए नाराज हो गए कि मैं सरकार की तारीफ कर रहा हूं।
क्या हमारी सोच इतनी तंग हो गई है कि हम अपने देश के संसाधनों पर गर्व न करें। सोनम ने कहा कि भारतीय रेल हो या इसरो ये किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि भारत की सेवा और हमारे देश के प्रतिभावान इंजीनियरों का स्वाभिमान हैं।
देश के नागरिकों और राजनीतिक दलों (पक्ष-विपक्ष) को एक साथ आने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठें। चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, भारत का निर्माण हम सबको मिलकर ही करना है। किसी के अंधे भक्त न बनें। अगर देश में कुछ गलत हो रहा है तो उसे गलत कहें, और अगर कुछ सही हो रहा है तो बिना झिझक उसकी तारीफ करें।

