अब गाजीपुर में सड़क पर उतरा Gen-Alpha, स्कूली बच्चों ने DM ऑफिस में घुसकर काटा हंगामा; सड़क न होने से कीचड़ में होकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे!
यूपी के हमीरपुर में अब जेन-अल्फा सड़क पर उतरा है। अपनी मांगों को लेकर स्कूली बच्चों ने कलक्ट्रेट पर धावा बोल दिया। डीएम दफ्तर में घुसने की कोशिश की। इसके बाद कलक्ट्रेट गेट पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
दिल्ली के जंतर मंतर पर जेन-Z के आंदोलन के बाद से यूपी में जेन-अल्फा यानी 9वीं से 12वीं तक के क्लास में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर कुछ ज्यादा ही मुखर हो गए हैं। मंगलवार को जेन-अल्फा का गुस्सा यूपी के हमीरपुर में सड़कों पर दिखाई दिया। कुरारा ब्लाक की ग्राम पंचायत चंदूपुर से जुड़े करीब आधा दर्जन डेरों को जोड़ने वाली सड़क की दुर्दशा से परेशान होकर जेन-अल्फा के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कलेक्ट्रेट पर धावा बोल दिया। वहां पर डीएम दफ्तर में घुसने की कोशिश की। इससे पहले तीन जुलाई को भी स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने सड़क की दुर्दशा को लेकर प्रदर्शन किया था। तब काम चलाने की नीयत से सड़क पर मिट्टी डालकर मरम्मत करा दी गई थी। अब बारिश से सड़क कीचड़ और दलदल से अटी पड़ी है। इससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित है।
मंगलवार की सुबह से ही चंदूपुर सहित आसपास के डेरों के बच्चों के साथ ग्रामीणों का हुजूम सड़क निर्माण की मांग को लेकर हाथों में तिरंगा लिए कलक्ट्रेट की ओर चल पड़ा। इसकी सूचना मिलते ही एसडीएम सदर अभिषेक कुमार, सीओ यशपाल सिंह पुलिस फोर्स के साथ रास्ते में ही प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पहुंच गए लेकिन सफल नहीं हो सके। बच्चे कलक्ट्रेट तक पहुंच गए और डीएम दफ्तर में घुसने की कोशिश की। किसी तरह पुलिस और अन्य अधिकारियों ने बच्चों को रोका। इसके बाद बच्चों ने कलक्ट्रेट के गेट पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
यमुना पट्टी में बसी कुरारा ब्लाक की ग्राम पंचायत चंदूपुर में करीब आधा दर्जन के आसपास डेरा आते हैं। ब्रह्मा का डेरा नगर पालिका क्षेत्र में आता है। शेष अन्य डेरे ग्राम पंचायत में हैं। इन डेरों में करीब तीन हजार के आसपास की आबादी निवासी करती है। आने-जाने का रास्ता कच्चा है। बारिश के दिनों में यहां कीचड़ से निकलना मुश्किल हो जाता है। बच्चों का स्कूल छूटने लगता है। अभी तक ग्रामीण सिटी फॉरेस्ट वाले वैकल्पिक रास्ते से आवाजाही करते रहे हैं, मगर वन विभाग ने इस रास्ते को भी बंद कर दिया है। इससे मुश्किलें बढ़ गई हैं।
वर्तमान समय में करीब डेढ़ किमी लंबी सड़क बारिश की वजह से कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है। बच्चों को स्कूल और बीमारों का अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो गया है। इस समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने तीन जुलाई को कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया था। जिसके बाद मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उस समय सड़क में हुए जलभराव की सफाई कराकर मिट्टी भराई कराई थी, लेकिन यह कार्य ज्यादा दिनों तक नहीं टिका और फिर से वही मुसीबत खड़ी हो गई है।

