क्या दिल्ली-NCR, खासकर गुड़गांव और नोएडा जैसे शहरों में रहने के लिए 1 लाख रुपये महीने की सैलरी भी अब नाकाफी हो गई है? यह सवाल सिर्फ एक बहस नहीं, बल्कि आज हर उस नौकरीपेशा इंसान का दर्द है, जो महीने के अंत में अपने बैंक अकाउंट का बैलेंस देखकर हैरान रह जाता है।

